कोडरमा: कोडरमा विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस पर मंडल कारा कोडरमा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. मुख्य अतिथि सीजेएम अमित कुमार वैश ने कहा कि जेल में आने वाला हर बंदी अपराधी नहीं होता. बंदियों को अपराध की दुनिया से निकलकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए.
प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने कहा कि अपराध से नफरत करनी चाहिए, अपराधियों से नहीं. उन्होंने प्ली बारगेनिंग की जानकारी दी. अधिवक्ताओं ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराया. जेल अदालत में चोरी के मामले के अभियुक्त आरा भुईयां उर्फ कारा को जेल में बितायी अवधि को पर्याप्त सजा मानते हुए एक हजार रुपये जुर्माना के साथ रिहा किया गया.
कार्यक्रम का संचालन रणजीत कुमार सिंह ने किया. मौके पर अधिवक्ता किरण कुमारी, राजेंद्र मंडल, अरुण कुमार ओझा, अश्विनी शरण, ललन चौधरी, रणजीत कुमार सिंह, सहायक जेलर राजीव पासवान, जेलकर्मी राजीव कुमार, यूसुफ आजाद, न्यायालयकर्मी राजीव कुमार, संतोष कुमार सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन कारा अधीक्षक राजमोहन राजन ने किया.
