बेटियों की शिक्षा व आत्मनिर्भरता से ही रुकेगा बाल विवाह

बाल मजदूरी, बाल विवाह के खिलाफ कार्यशाला

: बाल मजदूरी, बाल विवाह के खिलाफ कार्यशाला कोडरमा. सेवा सदन होली फैमिली हॉस्पिटल सभागार में गुरुवार को फ्रांसिसकन क्लारिस्टर सिस्टर सोसाइटी, कोडरमा द्वारा बाल मजदूरी, बाल विवाह एवं बाल तस्करी रोकथाम तथा पुनर्वास कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में महिला समूहों, सामाजिक संगठनों आदि से जुड़े 60 लोगों ने भाग लिया. कार्यशाला का उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाना और प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भरता से जोड़ना था. पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि कम उम्र में विवाह होने से लड़कियां शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाती हैं. उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकना केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है. बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर ही सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेखा गुप्ता ने कहा कि बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अर्चना ज्वाला ने कहा कि बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है.नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार ने लोगों से बाल मजदूरी, बाल विवाह या तस्करी की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की. संचालन संस्था पर्यवेक्षक सुनील कुमार दास ने किया. वार्षिक प्रतिवेदन जय मंगल कुमार शाही ने प्रस्तुत किया. मौके पर सिस्टर जेसी अब्राहम, सिस्टर लीला जोश, दिलीप कुमार पांडेय, रंजीत कुमार सिंह, अमर कुमार पांडेय, नीरा कुसुम खेस, शनि कुमार, फ्रांसिस मुर्मू आदि मौजूद थे.

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Author: DEEPESH KUMAR

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