कोडरमा. गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया. उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका के साथ जबरन दुष्कर्म के मामले में आरोपी संदीप सिंह (23) को दोषी करार दिया और 14 वर्ष की कैद की सजा सुनाई. अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना भरने में नाकाम रहने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
2024 में दर्ज हुआ था मामला
मामला वर्ष 2024 का है. इस संबंध में कोडरमा थाना में थाना कांड संख्या 257/2024 दर्ज किया गया था. एफआईआर में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह डुमरियाटांड़ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से हर दिन की तरह अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान रास्ते में संदीप सिंह ने उसे डराया-धमकाया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया.
सरकारी वकील ने पेश किये गवाह और सबूत
मामले में सरकारी वकील प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की. सरकारी पक्ष ने सभी गवाहों का परीक्षण कराने के साथ न्यायालय के समक्ष सबूत पेश किये. अपराध की गंभीरता को देखते हुए सरकारी वकील ने अदालत से अभियुक्त को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मंटू सिंह ने अपना पक्ष रखा.
गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर दोषी करार
अदालत ने मामले में पेश किये गए गवाहों के बयान और उपलब्ध सबूतों को देखने के बाद आरोपी को दोषी पाया. इसके बाद अदालत ने संदीप सिंह को 14 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.
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