जयनगर. झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन बांझेडीह शाखा के बैनर तले बांझेडीह पावर प्लांट के मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी. हड़ताल को लेकर मजदूर सुबह पांच बजे से ही प्लांट के गेट नंबर एक पर जमा हो गये. इसके बाद यूनियन के सचिव विजय पासवान के नेतृत्व में डीवीसी के अधिकारियों, पदाधिकारियों व अन्य कर्मियों को प्लांट में जाने से रोक दिया. देर तक इंतजार करने के बाद अधिकारी अपने घर लौट गये. जबकि कोई भी मजदूर प्लांट में काम करने नहीं गया.
इससे प्लांट का कामकाज बाधित हो गया. इस दौरान थाना प्रभारी हरिनंदन सिंह व सीओ बालेश्वर राम ने मजदूरों को समझाने का प्रयास किया. मगर मजदूर अपनी जिद्द पर अड़े रहे. विजय पासवान ने बताया कि केंद्र सरकार की अधिसूचना संख्या 7171 के तहत सात अक्तूबर 2016 को एक राज पत्र जारी हुआ है. इसके मुताबिक कोई भी परिधान विनिर्माण सेक्टर में नियम अवधि नियोजन एक ऐसा कर्मकार है, जिसे नियत अवधि के लिए ठेका गत नियोजन आधार पर लगाया गया है.
ऐसे मजदूरों के काम के घंटे, मजदूरी, भत्ते व अन्य लाभ स्थायीकरण से कम नहीं लाभ होंगे. हमारी मांगों में सबसे मुख्य मांग यही है कि हमें केंद्र सरकार द्वारा बढ़ोतरी की गयी न्यूनतम मजदूरी 42 प्रतिशत मिलनी चाहिए. हड़ताल में दशरथ पासवान, दीपक गिरि, बहादुर यादव, राजेंद्र यादव, उमाशंकर पासवान, सकलदेव यादव, छोटेलाल यादव, संजय पांडेय, दशरथ यादव, अनुप कुमार, उमेश पंडित, सुनील रजक, यमुना पासवान, श्याम सुंदर दास, केदार पासवान, सुरेंद्र पासवान, मंटू कुमार, प्रदीप रजक, सहदेव साव, शिव कुमार राम समेत कापी संख्या में मजदूर शामिल थे.
मौके पर पुलिस निरीक्षक कामेश्वर ठाकुर, सीओ बालेश्वर राम, जयनगर थाना प्रभारी हरिनंदन सिंह, चंदवारा थाना प्रभारी विनोद यादव, एएसआइ लक्ष्मण गोप समेत सीआइएसफ व पुलिस बल के जवान मौजूद थे. मजदूरों की मुख्य मांगें: केंद्र सरकार द्वारा बढ़ायी गयी न्यूनतम मजदूरी 42 प्रतिशत को डीवीसी अविलंब लागू करें, मेंटेनेंस में काम कर रहे जिन मजदूरों का दो वर्ष से ऊपर हुआ है, उसका डिजिगनेशन बदला जाये, दो नंबर रेलवे गेट के पास मजदूरों के आने-जाने के लिए एक मिनी गेट खोला जाये, ऊंचाई पर काम कर रहे मजदूरों को हाइट एलाउंस दिया जाये, जब से काम कर रहे है,
तब से जोड़ कर एरियल दिया जाये, मजदूर हित में 26 अक्तूबर को हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को डीवीसी अविलंब लागू करें, दिसंबर 2013 में एलाउंस को लेकर हुए समझौता का लागू, प्लांट में सफाई कार्य कर रहे मजदूरों को मेंटेनेंस मजदूर की तरह सुविधाएं दी जाये, मेंटेनेंस में काम कर रहे मजदूरों को डीवीसी की तरह छुट्टी दी जाये, इएसआइ सभी कंपनी अविलंब लागू करे, प्लांट परिसर में कैंटीन व मेडिकल की सुविधा उपलब्ध करायी जाये, कोई भी कंपनी मजदूरों का फाइनल हिसाब करने के बाद ही प्लांट छोड़े.
