मरकच्चो. प्रखंड के बेरहवा जंगल से सटे गांवों में हाथियों का कहर जारी है. इससे बेरहवा जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों में दहशत है. बार-बार जंगली हाथियों के गांव में प्रवेश करने व इसको लेकर वन विभाग की कार्यशैली से ग्रामीणों में आक्रोश है. रविवार की रात हाथियों का झुंड सिमरिया पंचायत के डुमरडीहा गांव पहुंच जम कर उत्पात मचाया. जंगली हाथियों के झुंड ने उत्क्रमित मवि डुमरडीहा के चहारदीवारी को तोड़ विद्यालय परिसर में जाकर कार्यालय व गोदाम के दरवाजे को तोड़ डाला. हाथियों ने कई वर्ग कक्ष के खिड़कियों को भी तोड़ दिया.
हाथियों के झुंड ने सहदेव यादव व श्यामसुंदर यादव के खेतों में लगी आलू व गोभी के फसलों को नष्ट कर दया. रामकिशुन साव, किशोर साव के खलिहान में मल कर रखे गये कई क्विंटल धान को अपना निवाला बना लिया. गांव की ही संगीता देवी को पशुपालन विभाग से मिले सूकर पालन के लिये बनाये गये घर को भी हाथियों ने तोड़ डाला. इससे वहां पल रहे लगभग डेढ़ दर्जन सूकर जंगलों की ओर भाग गये. संगीता देवी ने बताया कि इससे उन्हें 60 से 70 हजार का नुकसान हुआ है. ग्रामीणों ने मशाल जला कर व पटाखे फोड़ कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा. लगातार हो रहे हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत है. जंगली हाथियों का झुंड अभी भी बेरहवा जंगह में अपना डेरा जमाये हुए है.
