दुर्घटना. कोडरमा में दो अलग-अलग सड़क हादसे
कोडरमा बाजार : कोडरमा में शनिवार को दो सड़क हादसे में एक की मौत हो गयी आैर आठ घायल हो गये. घायलों में से तीन की स्थिति गंभीर होने के कारण सदर अस्पताल से इलाज के बाद रांची रेफर कर किया गया.
पहली घटना कोडरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत बांगीटांड के समीप हुई. यहां हुए हादसे में एक ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. इसमें 45 वर्षीय कुमार संजय घायल हो गये. जबकि 50 वर्षीय कुमार अजय (बिहार) की मौत हो गयी.
घायल और मृतक दोनों सगे भाई बताये जाते हैं. दोनों मोटरसाइकिल से नवादा होते हुए कोडरमा की ओर आ रहे थे. घायल का इलाज और मृतक के शव का अंत्यपरीक्षण सदर अस्पताल में किया गया. दूसरी घटना झुमरीतिलैया थाना अंतर्गत करमा के समीप हुई. यहां बोलेरो (जेएच01एडी-1303) की टक्कर झुमरीतिलैया से कोडरमा जा रहे टेंपो से हो गयी. इसमें टेंपो में सवार सात लोग घायल हो गये. घायलों में मसनोडीह निवासी हेमलाल मेहता, इंदरवा निवासी शबनम प्ररवीन, बेहराडीह निवासी विजय राणा, रेणु देवी, संटू कुमार, अशोक कुमार आदि शामिल हैं. इसमें शबनम परवीन, अशोक कुमार और अज्ञात पुरूष की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें इलाज के बाद रिम्स रेफर किया गया.
20 मिनट बाद पहुंचे चिकित्सक हादसे के बाद जब घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, तो इलाज के लिए एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे. सदर अस्पताल के डीएस डॉ आरएल रजक भी नहीं पाये गये. बताया जाता है कि सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद वे अस्पताल से निकल गये. आलम यह था कि चिकित्सकों के अभाव में अन्य स्वास्थ्यकर्मी इलाज में जुट गये. करीब 20 मिनट के बाद चिकित्सक ओपीडी पहुंचे और घायलों का इलाज किया.
स्पष्टीकरण मांगा जायेगा : सीएस
घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ मधुबाला राणा समाहरणालय में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव द्वारा आयोजित वीडीओ कंफ्रेंसिंग (वीसी) को बीच में ही छोड़ कर सदर अस्पताल पहुंची. इसी दौरान उन्होंने कई चिकित्सकों को इलाज के लिए बुलवाया. खुद भी घायलों का इलाज किया.
ओपीडी में चिकित्सक को अनुपस्थित पाकर नराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सदर अस्पताल की जिम्मेवारी डीएस की होती है. यदि डॉक्टर अंत्यपरीक्षण करने के लिए गये थे, तो ऐसे स्थिति में डीएस को इलाज करना चाहिए था जबकि वे अनुपस्थित पाये गये. उन्होंने आज की घटना में डीएस की लापरवाही बताते हुए कहा कि उनसे स्पष्टीकरण पूछा जायेगा. उपायुक्त समेत वरीय पदाधिकारी को भी इसकी सूचना दी जायेगी.
