झुमरीतिलैया: सावन के पावन महीने में बाबा भोलेनाथ की भक्ति में श्रद्धालु अलग-अलग तरीके से कांवर यात्रा कर रहे हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र से 14 कांवरियों का दल साइकिल से हरिद्वार से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा पर निकला है. भगवा वस्त्र धारण किए कांवरिया साइकिल पर भगवा ध्वज और धार्मिक सामग्री सजाकर भगवान शिव का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं. दल में महंत सुनील चोटी वाला, उपमहंत ब्रजेश भोले, कोषाध्यक्ष राजा भोले समेत अन्य श्रद्धालु शामिल हैं.
कांवरियों ने कहा कि बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था और विश्वास ही उन्हें इतनी लंबी दूरी साइकिल से तय करने की प्रेरणा दे रहा है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करना उनके लिए आस्था और संकल्प का विषय है. मंगलवार की रात साइकिल कांवर यात्रा में शामिल कांवरिये बाईपास रोड स्थित बाबा निवास शिव वाटिका पहुंचे. जहां शिव वाटिका के सेवकों ने उनका स्वागत किया.
कांवरियों को चाय-पानी उपलब्ध कराया गया. इसके बाद राजा चौरसिया, आराधना सिंह एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत भजनों का कांवरियों ने आनंद लिया और भक्ति गीतों पर झूम उठे. भजन संध्या के बाद सभी कांवरियों को भोजन कराया गया और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई. बुधवार की सुबह आगे की यात्रा पर निकलने से पहले सभी कांवरियों ने अपनी साइकिल और कांवर की आरती उतारी. इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया. चाय और ब्रेड का नाश्ता करने के बाद कांवरिया बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना हुए.
वहीं बरही निवासी 22 वर्षीय शुभम केसरी पिता विनोद प्रसाद केसरी एवं माता नीतू देवी प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से 31 लीटर पवित्र गंगाजल लेकर पैदल कांवर यात्रा पर देवघर के लिए निकले हैं. यात्रा के दौरान शुभम केसरी भी बाबा निवास शिव वाटिका पहुंचे. यहां उन्हें निःशुल्क चाय-पानी, भोजन, नाश्ता, विश्राम और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई गई. इसके अलावा बाबा निवास शिव वाटिका में मंगलवार को बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांवरिया पहुंचे.
इनमें पटना, बेतिया, आरा, समस्तीपुर, छपरा, गोपालगंज, रोहतास, पंचमी-चौपारण, उत्तर प्रदेश के काशी और सहारनपुर, नेपाल के बोधा तथा झारखंड के गढ़वा जिले से आए कांवरिया शामिल रहे. बाबा निवास शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी ने कहा कि वे कांवरियों में बाबा भोलेनाथ का स्वरूप देखते हैं.
पिछले 14 वर्षों से कांवरियों की सेवा की जा रही है. उन्होंने बताया कि शिव वाटिका में इस मार्ग से गुजरने वाले कांवरियों के लिए निःशुल्क चाय-पानी, भोजन, रात्रि विश्राम और दवा की व्यवस्था की गई है.
