कभी माओवादियों की थी धमक, वहां जम कर पड़े वोट

कोडरमा : लोकतंत्र का महापर्व और हर आम व खास में मतदान का उत्साह. ऐसा दृश्य पिछले कई दफा हुए चुनाव के दौरान देखने को नहीं मिला था, पर इस बार के चुनाव में शहर से लेकर गांव तक गजब का उत्साह दिखा. शहरी क्षेत्रों में जहा सुबह में ही मतदाता सब काम छोड़कर मतदान […]

कोडरमा : लोकतंत्र का महापर्व और हर आम व खास में मतदान का उत्साह. ऐसा दृश्य पिछले कई दफा हुए चुनाव के दौरान देखने को नहीं मिला था, पर इस बार के चुनाव में शहर से लेकर गांव तक गजब का उत्साह दिखा. शहरी क्षेत्रों में जहा सुबह में ही मतदाता सब काम छोड़कर मतदान करने बूथ पर पहुंचे. वहीं कड़ी धूप व गर्मी के बावजूद ग्रामीण इलाकों में कई बूथों पर शाम तक मतदाताओं की लंबी कतार दिखी. यह नजारा अतिसंवेदनशील घोषित कुछ बूथों पर भी नजर आया.

जो इलाका पहले कभी माओवादियों की धमक से प्रभावित था वहां पर भी लोगों में मतदान को लेकर गजब का उत्साह दिखा. प्रभात खबर की टीम सुबह में लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पहुंची, पर उग्रवाद प्रभावित मरकच्चो प्रखंड के डगरनवां व आसपास के बूथों पर जो नजारा देखने को मिला वह मजबूत होते लोकतंत्र की तस्वीर पेश कर गया.

डगरनवां में माओवादियों धमक के कारण वर्षों पूर्व पुलिस पिकेट बनाया गया है, पर यहां से करीब छह किलोमीटर दूर अरैया में अभी भी प्रशासनिक पहुंच से दूर है. बावजूद इस जगह पर मतदान का जोश दिखा. अरैया जाने के रास्ते में स्थानीय बैजू मुर्मू, राजेश मुर्मू, लखन मुर्मू व चैतु मुर्मू मिले. ये सभी करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय कर मतदान करने उत्क्रमित मध्य विद्यालय अरैया जा रहे थे. तीन धनुष हाथ में लिए पैदल जा रहे इन लोगों ने कहा कि मतदान करना जरूरी है, इसलिए जा रहे हैं.

यहां बूथ संख्या 292 पर सुबह करीब 10:30 बजे कड़ी धूप के बावजूद महिला-पुरुष मतदाताओं की लंबी कतार दिखी. इस बूथ पर कुल 894 मतदाताओं में से 232 ने अपने मत का प्रयोग कर लिया था, जबकि लाइन में करीब तीन सौ से अधिक लोग लगे हुए थे. कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान को लेकर लाइन में खड़ी महिला सरिता देवी, रूपा देवी ने बताया कि वे लोग करीब सात किलोमीटर दूर स्थित बंदरचौकवा गांव से आयी हैं.

महिलाओं ने बताया कि लोकसभा व विधानसभा के चुनाव के समय मतदान करने यहीं आना होता है, नजदीक में मतदान केंद्र होता तो सहूलियत होती, लेकिन इस जगह मतदान करने के लिए सुबह सात बजे से लाइन में लगे हैं. इससे इतर डगरनवां स्थित बूथ संख्या 293 का दृश्य कुछ अलग था. यहां उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बने बूथ पर कुल 868 मतदाताओं में से 360 ने सुबह 11 बजे तक अपने मत का प्रयोग कर लिया था. वोट देने आयी महिला मुंद्रिका देवी ने कहा कि वोटवा देइल जरूरी है, इसलिए आइल हिए.
कई किलोमीटर पैदल चल कर बूथ पर पहुंचे मतदान कर्मी
उग्रवाद प्रभावित इलाकों में मतदान संपन्न कराने को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती. कई बूथों पर मतदान कर्मी अहले सुबह चार बजे पैदल चल कर पहुंचे. अरैया बूथ पर सुरक्षा में तैनात एएसआइ दिवान तौफीक खान ने बताया कि डगरनवां स्थित कलस्टर से वे लोग सुबह चार बजे चले और करीब पांच किलोमीटर पैदल चल कर बूथ पर पहुंचे. अरैया, डगरनवां व अन्य कई जगहों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से मतदान कर्मियों को मतदान संपन्न कराने के बाद अपने कलस्टर में ही रात बितानी है. इसके बाद मंगलवार सुबह सभी इवीएम जमा कराने गिरिडीह जायेंगे.
सखी बूथ पर महिलाओं ने संभाली कमान
इस बार जिले में छह सखी व 13 आदर्श मतदान केंद्र बनाये गये थे. इन जगहों पर विशेष सुविधा उपलब्ध करायी गयी थी. सखी बूथ पर महिला कर्मियों ने ही चुनाव प्रक्रिया संपन्न करायी. परियोजना बालिका उच्च विद्यालय कोडरमा में बने सखी बूथ संख्या 131 पर दोपहर करीब 1:45 बजे कुल 1198 वोटरों में से 600 ने अपने मत का प्रयोग किया था. इससे इतर सुबह करीब नौ बजे मरकच्चो मध्य विद्यालय में बने बूथ संख्या 346 में अलग नजारा दिखा. यहां वोटरों को धूप से बचाने के लिए शेड बनाया गया था. सुबह में यहां कुल 1143 वोटरों में से 144 ने अपने मत का प्रयोग किया था, जबकि महिला-पुरुष दोनों की लंबी कतार दिखी. यही हाल मध्य विद्यालय बिचरिया में बने बूथ संख्या 317 पर दिखा.

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