कोडरमा : फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

कोडरमा : वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के पद पर नौकरी का लालच देकर कई युवकों से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है. ठगी करनेवाले ने खुद को हजारीबाग के डीएफओ का ड्राइवर बता कर ठगी की. लंबे समय बाद जब नौकरी नहीं मिली तो युवकों को खुद ठगे जाने का एहसास हुआ. […]

कोडरमा : वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के पद पर नौकरी का लालच देकर कई युवकों से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है. ठगी करनेवाले ने खुद को हजारीबाग के डीएफओ का ड्राइवर बता कर ठगी की.

लंबे समय बाद जब नौकरी नहीं मिली तो युवकों को खुद ठगे जाने का एहसास हुआ. ठगी के शिकार युवक उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहनेवाले हैं. गुरुवार को एक युवक अवध कुमार(पिता-स्व. सहाजन साव) के बुलावे पर तिलैया पहुंचा. कथित डीएफओ का ड्राइवर खुद को पकड़े जाने की आशंका देख भाग निकला, जबकि उसकी लक्जरी कार पुलिस ने जब्त कर लिया है. ठगी को लेकर अवध कुमार ने तिलैया थाना में देर शाम आवेदन दिया है.

युवक ने बताया कि वन विभाग के कथित चालक/कर्मी विकास से उसकी मुलाकात 2017 में हजारीबाग में आयोजित पुलिस बहाली में हुई थी. बस स्टैंड में मुलाकात में विकास ने बतौर फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी आसानी से दिला देने की बात कही थी. इसमें तय राशि पहले देने को कहा था. जब वह देवरिया लौटा तो वहां परिजनों से बातचीत कर नौकरी के लिए पैसे देने की बात कही. विकास से बात कर वह दोबारा हजारीबाग आया और पैसे दिए. अवध ने ढाई लाख रुपए विकास द्वारा बताये गए बैंक एकाउंट में ट्रांसफर किए. यही नहीं बाद में गांव के लोगों को उसने आसानी से नौकरी मिलने की जानकारी दी तो पांच अन्य युवक भी पैसे देने को तैयार हो गए और सबने मिलकर कुल 18 लाख रुपए विकास को अलग-अलग समय पर दिया. इसमें अधिकतर पैसे नगद में दिए गए.

युवकों को थमाया फरजी ट्रेनिंग लेटर

अवध के अनुसार पैसे देने के काफी दिनों बाद उनके घर पर लेटर भेजकर नौकरी लगने की बात बतायी गई, यही नहीं झारखंड के डाल्टनगंज स्थित वन विभाग के कार्यालय में ट्रेनिंग के लिए पत्र भी दिया गया. जारी पत्र को लेकर जब वह वहां पहुंचा तो अधिकारी ने इसे गलत बताया. इसके बाद वह लौटकर हजारीबाग आया और विकास से बात की. उसने जल्द नौकरी लगवा देने की बात कही, बावजूद इसके टाल-मटोल करता रहा. इससे पहले विभाग के बिरहु के पास स्थित नाका के पास भी लेकर गया था।

खुद पकड़ने का किया प्रयास, आरोपी फरार

पूरे मामले में नाटकीय यह रहा कि ठगी का शिकार अवध अपने रिश्तेदारों के साथ गुरुवार को कोडरमा पहुंचा और लाखों रुपए लेने वाले विकास के साथ मोबाइल पर बातचीत तिलैया बुलाया. यहां थाना के पास स्थित एक गली में सभी के बीच बातचीत चल रही थी. इसी दौरान विकास को खुद को पकड़े जाने की भनक लगी तो वह भागने लगा, तो युवकों ने उसकी गाड़ी वहीं रोक ली और वह फरार हो गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने उक्त कार को जब्त कर लिया है.

भागने के बाद फोन पर दी धमकी

ठगी का आरोपी विकास ने मौके पर से भागने के बाद अवध को फोन भी किया और पुलिस के पास नहीं जाने की धमकी दी और कहा कि अभी साहब को लेकर आते हैं, फिर तुम्हें पता चलेगा कि क्या होगा.

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