झुमरीतिलैया: श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित 16 दिवसीय महाशांति विधान का बुधवार को समापन हो गया. शांति विधान के सौ धर्म इंद्र सुरेश कुमार व नरेंद्र कुमार झांझरी थे. पुण्यार्जक प्रदीप जी पांडया व कमल कुमार सेठी परिवार थे. इनके द्वारा शांति धारा की गयी. संजय ठोल्या ने भी शांति धारा की. महाशांति विधान […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
झुमरीतिलैया: श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित 16 दिवसीय महाशांति विधान का बुधवार को समापन हो गया. शांति विधान के सौ धर्म इंद्र सुरेश कुमार व नरेंद्र कुमार झांझरी थे. पुण्यार्जक प्रदीप जी पांडया व कमल कुमार सेठी परिवार थे. इनके द्वारा शांति धारा की गयी. संजय ठोल्या ने भी शांति धारा की. महाशांति विधान के अंतिम दिन महामंत्रों द्वारा बड़ी शांति धारा प्रेम झांझरी द्वारा बोली गयी. विधान पूजन भगवान पर असली रत्न चांदी के फूल व स्वर्ण द्वारा की गयी.
सुबोध गंगवाल ने भजन प्रस्तुत किया. पंडित अभिषेक शास्त्री ने कहा कि महाशांति विधान कराने के लिए जैन समाज बधाई के पात्र हैं. इस तरह के आयोजन से ही समाज व नगर में सुख शांति आ सकती है.
आपसी भाईचारा कायम रह सकता है. उन्होंने कहा कि मंत्रों के जाप से वातावरण में शुद्धता आती है. विधान के संयोजक सुरेश झांझरी, राज छाबड़ा व विमल बड़जात्या ने भी भक्तों का आभार जताया. समाज के अध्यक्ष सुशील छाबड़ा व मंत्री जयकुमार गंगवाल ने दशलक्षण व्रत धारियों का सम्मान किया. दस दिनों तक व्रत रखने वाली सिखा गंगवाल ने पारण किया. समाज के लोगों द्वारा व्रती को बग्गी में बैठकर उसे घर तक पहुंचाया गया. गुरुवार को हवन कुंड में आहुति होगी, जबकि संध्या पहर क्षमावाणी पर्व मनाया जायेगा. साथ ही कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जायेगा. मौके पर राज छाबड़ा, मानिक चंद सेठी, कमल सेठी, सुबोध गंगवाल, त्रिशला गंगवाल, प्रेम झांझरी, आशा गंगवाल, पार्षद पिंकी जैन, नवीन जैन आदि मौजूद थे.