इस पर डीसी ने डीएफसीसी के अधिकारियों को शीघ्र ही लंबित कार्य को पूर्ण कर प्रस्ताव जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया. वहीं एनएचएआइ की बैठक में बताया गया कि 22 गांवों का अधियाचना विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है. डीसी ने उरवां, मदनगुंडी और योगिडीह का थ्रीजी की कार्रवाई दस दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया.
वहीं अपर समाहर्ता को चयनित गांवों के चिह्नित गैरमजरूआ जमीन को एनएचएआई को हैंडओवर करने का निर्देश दिया. अपर समाहर्ता ने बताया कि फिलवक्त 10 एकड़ भूमि हैंडओवर कर दिया गया है. शेष भूमि को दस दिनों के अंदर हैंडओवर करने की बात कही गयी. डीसी ने पीएचइडी और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि एनएच के किनारे लगे पाइपलाइन और बिजली पोल तार के अन्यंत्र शिफ्टिंग में होने वाले खर्च का प्राक्कलन बना कर शीघ्र ही एनएचएआई को समर्पित करें. इस अवसर पर डीसी के अलावे अपर समाहर्ता प्रवीण कुमार गागराई, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी लियाकत अली, कोडरमा सीओ अशोक राम, जयनगर सीओ बालेश्वर राम के अलावे एनएचएआई और डीएफसीसी के परियोजना निदेशक आदि मौजूद थे.
