जनता रो रही है और सीएम हंस रहे हैं

कोडरमा: ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआइएसएफ) व ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (एवाइआइएफ) के बैनरतले कन्याकुमारी से निकला लॉग मार्च रविवार शाम झुमरीतिलैया पहुंचा. लॉग मार्च में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने ब्लॉक मैदान में आयोजित सभा को संबोधित किया. भाजपा समर्थित कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बीच शुरू हुई सभा में […]

कोडरमा: ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआइएसएफ) व ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (एवाइआइएफ) के बैनरतले कन्याकुमारी से निकला लॉग मार्च रविवार शाम झुमरीतिलैया पहुंचा. लॉग मार्च में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने ब्लॉक मैदान में आयोजित सभा को संबोधित किया. भाजपा समर्थित कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बीच शुरू हुई सभा में कन्हैया के निशाने पर राज्य व केंद्र की भाजपा नीत सरकार रही. कन्हैया ने अपने अंदाज में भाजपा व आरएसएस पर निशाना साधा तथा जनता को इनके विभाजनकारी नीतियों से बचने की अपील की.

सभा के बीच में कुछ युवकों द्वारा काला झंडा दिखाये जाने पर पहले तो कन्हैया ने चुटकी ली, फिर बाद में उन्हें संविधान व कानून का पाठ पढ़ाया. कन्हैया ने राज्य की रघुवर सरकार को सीएनटी-एसपीटी में संशोधन कानून से लेकर खनिज संपदाओं की बिक्री को लेकर घेरा. कहा कि बिरसा की रत्नगर्भा धरती पर संसाधनों की कमी नहीं है, पर सरकार इसे बेचने व लुटाने पर लगी है. साजिश के तहत संपदाओं को पूंजीपतियों को बेचने के लिए एक्ट में संशोधन किया जा रहा था. इससे पहले कन्हैया ने हूल जोहार के साथ लोगों का अभिवादन किया. कहा कि मुझे समझ में नहीं आता मैं न रघुवर दास हूं और न ही नरेंद्र मोदी फिर विरोध किस बात का. झारखंड के अंदर कई समस्याएं हैं. जनता गरीबी में रह रही है. लोग रो रहे हैं और मैं देख रहा हूं कि बड़े-बड़े फोटो में सीएम रघुवर दास हंस रहे हैं. मैं देश के खिलाफ नहीं हूं इस तरह की सोच के खिलाफ हूं.

अमित शाह सौ बार झूठ बोलकर झूठ को सच बनाना चाहते हैं. महंगाई, काला धन, रोजगार सभी मुद्दे गौण हैं. जब एक देश में एक टैक्स लागू हो सकता है, तो एक शिक्षा नीति क्यों नहीं. रेल मंत्री सुरेश प्रभु पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रभु की माया है न ट्रेन समय पर रहती है और न पटरी पर. रेल मंत्री स्टेशन बेचने में लग गये हैं. सरकार खास समुदाय को डरा कर रखना चाह रही है. गाय, लव जेहाद, तीन तलाक ऐसे मुद्दे हैं, जिसे आगे किया जा रहा है. हम टकराव नहीं शांति चाहते हैं. आज हर घटना में सेना का इस्तेमाल हो रहा है. पुलिस, मीडिया, सेना सभी संस्थाओं का राजनीतीकरण हो रहा है. सरकार हिंसा पर ध्यान दिला कर संसाधन बेचना चाहती है. संविधान को बदलना चाहती है. ऐसे में हम संघर्ष करेंगे, सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे. आज अच्छे लोगों को बाहर निकलने की जरूरत है, बुरे लोग ज्यादा बोल रहे हैं, तो अच्छे लोग आगे नहीं आयेंगे, तो परेशानी होगी.

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