झुमरीतिलैया : जिले में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. ग्रामीण इलाकों का तो हाल पहले से खराब है, अब शहरी क्षेत्र के लोग भी बिजली की आंख-मिचौनी से परेशान हैं. शहर के कई हिस्सों में ग्रामीण इलाकों की तरह आठ से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है. ऐसे में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है.
शहर में बिजली व्यवस्था बदतर होने के साथ पावर ट्रिपिंग, लो वोल्टेज की समस्या भी हैं. लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की मनमानी से बिना पूर्व सूचना के पावर कट लगाये जा रहे हैं. इससे विद्युत उपभोक्ताओं में आक्रोश है. आलम यह है कि दिन में बिजली गुल रहने से लोग जैसे-तैसे दिन काट रहे है, लेकिन शाम के समय पावर कट से छात्रों को पढ़ाई करने के अलावा महिलाओं को खाना बनाने व घरों के काम करने में परेशानी हो रही है. रात में भी बिजली कटने से लोग उमस भरी गरमी में करवट बदल-बदल कर सोने को मजबूर है. लोगों के अनुसार एक तरफ विभाग बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही है.
वहीं घंटों बिजली कट लग रहे है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार बिजली का दर बढ़ाने में लगी है. एक जुलाई से घरेलू बिजली दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि के झारखंड बिजली नियामक आयोग के फैसले का लोगों ने विरोध जताया है. लोगों के अनुसार सरकारी, गैर सरकारी भवनों, कर्यालयों व घरों में बकाया राशि को पहले वसूला जाये, तो विद्युत दरों में वृद्धि करने की जरूरत नहीं होगी. लोगों की माने, तो हर घर में मीटर लगाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बिजली की चोरी रुके.
इन इलाकों के लोग अधिक परेशान
शहर के विद्यापुरी, गौरीशंकर मोहल्ला, सीएच स्कूल रोड, पूर्णिमा टॉकीज गली आदि इलाकों के लोग अनियमित बिजली आपूर्ति से अधिक परेशान हैं. बताया जाता है कि इन इलाकों में जयनगर फीडर से विद्युत आपूर्ति की जा रही है. इन क्षेत्रों में छह से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है. कहने को यह शहरी क्षेत्र है और विद्युत बिल भी शहरी क्षेत्र का वसूला जाता है, पर विद्युत व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर है.
