जंगली हाथी ने तोड़ा घर, मां-बेटी बेघर

प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन जहां अस्त-व्यस्त हो गया है.

तमाड़. प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन जहां अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं वन्य जीवों का आतंक भी लोगों पर कहर बन कर टूट रहा है. बीते रविवार की देर रात एनएच-33 से सटे उलीडीह के टोला महुआडीह बोनडीह गांव में एक हाथी ने घर में सो रही मां-बेटी को बेघर कर दिया. पीड़िता अमूल्या देवी ने बताया कि वह अपनी पुत्री के साथ घर में सोयी हुई थीं. रात के समय अचानक कुछ अजीब आवाजें सुनाई दीं. जब उन्होंने बाहर झांक कर देखा तो एक विशालकाय हाथी को सामने पाकर उनके होश उड़ गये. इससे पहले कि वे कुछ समझ पातीं गजराज ने घर की दीवार को तोड़ दिया. किसी तरह जान बचाकर मां-बेटी सामने वाले घर में भागकर छिपीं. जिससे उनकी जान बच सकी. इस दौरान हाथी घर में रखे चावल की बोरी निकाल कर खा गय. शोरगुल मचाने पर ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए हाथी को खदेड़ा.

भुखमरी की कगार पर पीड़ितापीड़िता अमूल्या देवी ने बताया कि वह मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करती है. भारी बारिश के चलते पहले ही जीना मुश्किल हो गया था. ऊपर से हाथी ने उनका आशियाना भी छीन लिया. घर क्षतिग्रस्त हो चुका है और खाने के लिए रखा चावल भी बर्बाद हो गया है. ऐसे में उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है.

बारिश में बर्बाद हुआ आशियाना और अनाज, प्रशासन बेखबर

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Published by: Shubham haldar

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