खूंटी. डाड़ीगुटू बाजार टांड़ में गुरुवार को झारखंड उलगुलान संघ के तत्वावधान में पड़हा राजा फूलचंद टूटी की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्था नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट के अनुपालन का अंकेक्षण या मूल्यांकन पर झारखंड सरकार ने रोक लगा दी है. सरकार ने यह जता दिया कि सीएनटी एक्ट तथा एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन के अवैध हस्तांतरण, खरीद बिक्री और कब्जा में झारखंड सरकार का संरक्षण प्राप्त है. यही कारण है कि पारंपरिक ग्राम सभा को जमीन का गैर कानूनी ढंग से अंतरण पर रोक तथा वापसी का अधिकार पेसा कानून के तहत प्राप्त होने के बावजूद नियमावली में कमजोर कर दिया गया है. सुबोध पुर्ती ने कहा कि पारम्परिक ग्राम सभा आज की व्यवस्था नहीं है, वर्तमान समय में पेसा कानून द्वारा उसे अधिनियमित किया गया है. अबुआ सरकार ने नियमावली के माध्यम से पंगु बना दिया है. बेनेदिक्त नवरंगी ने कहा कि झारखंड सरकार ने पेसा नियमावली में लघु खनिज तथा लघु वनोपज के प्रबंधन, नियंत्रण एवं विपणन का अधिकार पारम्परिक ग्राम सभा को न सौंप कर पेसा कानून का अवमानना करने का काम किया है. बैठक में चैतन मुंडा, जोसेफ हस्सा, राम मुंडा, एतवा मुंडा, पतरस टूटी, सेलाए बजराय, भैयाराम मुंडा, घुसा मुंडा, हीरालाल मानकी, चंद्रमोहन मुंडा, गिरधर मुंडा, सोमरा मुंडा, जोसेफ हंस सहित अन्य उपस्थित थे. झारखंड उलगुलान संघ की बैठक
पेसा नियमावली को किया गया कमजोर : संघ
डाड़ीगुटू बाजार टांड़ में गुरुवार को झारखंड उलगुलान संघ के तत्वावधान में पड़हा राजा फूलचंद टूटी की अध्यक्षता में बैठक हुई.
