खूंटी. जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मो. जावेद हुसैन ने मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया, दावा-आपत्ति के निस्तारण तथा मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
नो-मैपिंग और विसंगति वाले मतदाताओं को मिलेगा नोटिस
उपायुक्त ने बताया कि एसआईआर के तहत नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य संबंधित सूचियों में शामिल मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस उपलब्ध कराया जायेगा. नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाये.
15 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची को लेकर दावा-आपत्ति की अवधि पांच अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गयी है. इस अवधि में प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 14 अक्टूबर 2026 तक किया जायेगा. उपायुक्त ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने पर भी जोर
समीक्षा बैठक में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने और पहले से दर्ज नामों में आवश्यक सुधार की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी. इसके साथ ही फॉर्म-8 के माध्यम से नाम स्थानांतरण की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाताओं को आवेदन और दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया की सही जानकारी उपलब्ध करायी जाये.
एक घर के मतदाताओं का एक ही मतदान केंद्र
उपायुक्त ने आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक परिवार अथवा एक ही घर में रहने वाले मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ मतदाताओं को मतदान के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करना है.
भारतीय नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं
उपायुक्त मो. जावेद हुसैन ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है. उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को घबराने की आवश्यकता नहीं है. निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारी और कर्मी आवश्यक सहयोग के लिए तत्पर हैं. उन्होंने मतदाताओं से निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अपील की.
1950 पर मिलेगी जानकारी
एसआईआर से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है. बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा निर्वाचन से जुड़े अधिकारी और अन्य संबंधित लोग उपस्थित थे.
