तोरपा. कोईल कारो जनसंगठन, पड़हा सभा और झारखंड उलगुलान संघ की संयुक्त बैठक शुक्रवार को तपकरा के शहीद भवन में हुई. बैठक की अध्यक्षता जॉन जुरसेन गुड़िया ने की. इसमें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के दोषपूर्ण परिसीमन के विरोध में 30 अगस्त को रांची के मोराबादी मैदान में होने वाली आदिवासी एकता महाजुटान सभा में शामिल होने की तैयारी की समीक्षा की गयी.
बैठक में ग्राम सभा के अगुवाओं ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने के लिए वे महाजुटान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे.
आरक्षित सीटों को घटाने की कोशिश पर नजर रखने की बात
झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि वर्तमान में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण और आने वाले समय में परिसीमन के नाम पर आदिवासियों के लिए आरक्षित विधानसभा और लोकसभा सीटों को घटाने के प्रयास पर पारंपरिक ग्राम सभाओं को गंभीरता से नजर रखनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली में कुछ खामियां होने के बावजूद ग्राम सभा को पेसा कानून के तहत मिले दायित्व के अनुसार काम करना होगा. उन्होंने बताया कि पारंपरिक ग्राम सभाओं को जागरूक और मजबूत करने का अभियान सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू किया जाएगा.
सहकारिता को मजबूत करने पर भी चर्चा
बैठक में ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहकारिता को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में मसीहदास गुड़िया, रेजन गुड़िया, सेरेंग पतरस गुड़िया, कुलन पतरस आईंद, पौलुस हेमरोम, फूलचंद टुटी, अब्राहम सोय, जोसेफ हस्सा, जुनूल गुड़िया, जोसेफ गुड़िया, निकोलस कंडुलना, सुगड़ गुड़िया, अमृत गुड़िया, शालिनी आईंद, जेनिफर बाखला सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
