पेसा नियमावली आदिवासी विरोधी है : चंपाई सोरेन

अखिल भारतीय सरना समाज की बैठक में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री

खूंटी. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने रविवार को खूंटी में अखिल भारतीय सरना समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. जिसमें उन्होंने पेसा नियमावली समेत आदिवासी समाज से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली पूरी तरह से आदिवासी विरोधी है. नियमावली के पहले ही पन्ने पर पारंपरिक ग्राम प्रधानों के अलावा अन्य के लिए एक पिछला दरवाजा छोड़ दिया गया है, जिसके माध्यम से मनमर्जी चलायी जायेगी. जिस दिन पेसा नियमावली को पास किया गया, कैबिनेट की उसी बैठक में हिंडाल्को को 850 एकड़ से अधिक जमीन, बिना ग्राम सभा की सहमति के कोल्हान के नोवामुंडी में दी गयी. इसी से सरकार की असली मंशा प्रकट होती है. उन्होंने कहा कि अगर शेड्यूल एरिया में कोई भी फैक्ट्री जमीन लेती है तो उसे जमीनदाताओं को एकमुश्त रकम नहीं, बल्कि अपने प्रॉफिट में हिस्सा देते रहना चाहिए. जब कभी भी वह फैक्ट्री बंद हो जमीन उसके मूल मालिक को लौटायी जानी चाहिए. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पेसा नियमावली को लेकर आक्रोष व्यक्त किया गया. सभी ने एकजुट होकर, गांव-गांव जाकर, आम जनता को राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी रवैये के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया. बैठक में अखिल भारतीय सरना समाज के अध्यक्ष भीम सिंह मुंडा, नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रानी टूटी, छोटराय मुंडा, मनोज कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.

अखिल भारतीय सरना समाज की बैठक में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्रीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Chandan kumar

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >