खूंटी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को डालसा सभागार में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में मुख्य अतिथि एमएसीटी पीठासीन पदाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा उपस्थित रहे. उन्होंने कार्यशाला की शुरूआत की.
उन्होंने लक्षित समूह के मध्य उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक 15 दिसम्बर, 2022 को पारित गोहर मोहम्मद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के निर्णय की प्रति वितरित की. प्रथम दुर्घटना प्रतिवेदन, अन्तरिम दुर्घटना प्रतिवेदन और विस्तृत दुर्घटना प्रतिवेदन के समयबद्ध प्रेषण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया.
अनुसंधान पदाधिकारी की भूमिका को दुर्घटना पीड़ितों के लिए एमएसीटी के माध्यम से अथवा हिट एंड रन मामलों में जिला स्तर पर गठित समिति के माध्यम से मुआवजे की प्राप्ति के लिए एक सुविधा प्रदाता के रूप में रेखांकित किया. बीमा कंपनियों की भूमिका, पक्षकारों के मध्य सौहार्दपूर्ण समझौते के लिए मध्यस्थता के महत्व तथा दुर्घटना स्थल के निरीक्षण सहित दुर्घटना मामलों में समुचित अनुसंधान की आवश्यकता पर जानकारी दिया.
कार्यशाला को चीफ एलएसडीसी राजीव कमल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विद्यावती कुमारी, एडीजे 3 प्राची मिश्र, एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने भी संबोधित किया. मौके पर लक्षित समूह के रूप में सभी थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मी, पीएलवी सहित अन्य उपस्थित रहे. कार्यषाला में नौ बीमा कंपियां भी विडियो कांफ्रंेसिंग से जुड़े.
