तोरपा. लोकसभा में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक पारित होने पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है. खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास के साथ गरीब, किसान, महिला, युवा और आदिवासी समाज के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
ऐसे में राज्यों के खनिज राजस्व और अधिकारों को सीमित करने की किसी भी कोशिश का झारखंड विरोध करेगा. विधायक ने कहा कि झारखंड की जनता ने अपने संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए अलग राज्य के आंदोलन में संघर्ष किया है. खनिज संसाधनों पर राज्य का अधिकार कमजोर होने से विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर सीधा असर पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, कृषि ऋण माफी, बिरसा हरित ग्राम योजना, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना जैसी योजनाएं चला रही है. भाजपा को इन योजनाओं से परेशानी है. उन्होंने केंद्र सरकार से संघीय ढांचे की मर्यादा का सम्मान करने और राज्यों की आर्थिक स्वायत्तता से खिलवाड़ बंद करने की मांग की. कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला और न्यायसंगत अधिकार यहां की जनता का है. राज्य के अधिकार और संसाधनों को कमजोर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जायेगा.
झामुमो जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि विधेयक झारखंड के हितों के विरोध में है. उन्होंने इसे केंद्र सरकार का तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि झारखंड की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के खनिज संसाधनों को लूटने के उद्देश्य से विधेयक लाया गया है. उन्होंने कहा कि इसके विरोध में पूरे राज्य में आंदोलन किया जायेगा.
