खूंटी से चंदन की रिपोर्ट
Khunti Wrong Blood Transfusion Case: खूंटी के जियारप्पा स्थित बिरसा हॉस्पिटल में एक महिला मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाए जाने के बाद मरीज की मौत मामले में प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है. मामले की जांच को लेकर एसडीओ दीपेश कुमारी और सिविल सर्जन डॉ ललित रंजन पाठक सहित डॉक्टरों की एक टीम सोमवार की शाम को बिरसा हॉस्पिटल पहुंचे.
जांच टीम ने अस्पताल और परिजनों से जुटाए साक्ष्य
एसडीओ ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद एसडीओ ने अस्पताल के ओटी, वार्ड और पैथोलॉजी को सील कर दिया. सील करने से पूर्व अस्पताल में इलाजरत सभी मरीजों को एक जगह पर रखा गया है. इससे पहले प्रशासन की टीम बगड़ू गांव जाकर मृतक बुधन देवी के परिजनों से पुछताछ किया. उनसे घटनाक्रम की पूरी जानकारी लिया. इलाज और खून चढ़ाये जाने से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई.
बताया गया था ए पॉजिटिव ब्लड ग्रुप
मृतका के भाई सुखु मुंडा ने बताया कि बिरसा हॉस्पिटल में बुधन देवी को पथरी का ऑपरेशन करने के लिए भर्ती किया गया था. जहां उनका ब्लड दिया गया. जिसमें ग्रुप ए पॉजिटिव निकला था. चार यूनिट ए पॉजिटीव चढ़ा दिया गया. जिसके बाद और एक यूनिट खून चढ़ाने के लिए कहा गया. फिर परिजन सैंपल लेकर सदर अस्पताल खूंटी गये तो वहां ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव निकला. इसके बाद बिरसा जांच घर में जांच कराया तो वहां भी ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव ही निकला. पारस हॉस्पिटल में फिर से सैंपल जांच कराने पर वहां ओ पॉजिटिव ही पाया गया.
हालत बिगड़ने पर रिम्स किया गया रेफर
तबीयत बिगड़ने के बाद 3 जुलाई को मरीज को रिम्स रेफर किया गया. जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई. बुधन देवी के परिजनों ने देर रात को मामले को लेकर खूंटी थाना में आवेदन दिया है. आवेदन देने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर रात में मृतका के शव का पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
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