रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट
झारखंड में वेतन घोटाले की जद में आनेवाले जिलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब खूंटी की एसआइआरबी-टू बटालियन में वेतन के नाम पर ट्रेजरी से फर्जी निकासी का मामला सामने आया है. बटालियन के एकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह ने अपने वेतन मद में लगभग 22 लाख रुपये की अवैध निकासी की है. मंगलवार को खूंटी ट्रेजरी ने मामले का खुलासा किया. हालांकि, खबर लिखने तक मामले में एफआइआर दर्ज नहीं की गई है. एसआइआरबी-टू बटालियन के एकाउंटेंट अजीत कुमार ने पिछले कई माह में अपने एकाउंट में फर्जी तरीके से वेतन की निकासी की. सूत्र बताते हैं कि वह अपने वेतन में एक शून्य बढ़ाकर राशि की निकासी कर रहा था. कोषागार से स्वीकृति मिलने के बाद वह अपने बैंक एकाउंट में राशि का हस्तांतरण अन्यत्र कर रहा था. हालांकि, राज्य के अन्य जिलों में मामला पकड़ में आने के बाद उसने फर्जी निकासी बंद कर दी थी.
वेतन की फर्जी निकासी मामले में खूंटी 15वां जिला बना
वित्त विभाग के निर्देशानुसार जांच के दौरान खूंटी जिला प्रशासन ने मामले को पकड़ा. ऐसे में खूंटी राज्य का 15वां जिला बन गया है, जहां वेतन की फर्जी निकासी की गयी है. इस संबंध में ट्रेजरी ने एसआइआरबी-2 के कमांडेंट एमेलड्डा एक्का को पत्र भेज जानकारी दी है.
33 में से 14 ट्रेजरी में पकड़ी गई गड़बड़ी
इससे पूर्व राज्य के 33 में से 14 कोषागारों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गयी है. जांच में पुष्टि हुई है कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मियों ने सिस्टम की तकनीकी खामियों का सहारा लेकर एक ही महीने में दो-दो बार वेतन और एरियर की निकासी की. इस फर्जीवाड़े से अब तक सरकारी खजाने को 31.47 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. जिसमें से केवल दोहरा वेतन भुगतान ही 7.67 करोड़ रुपये का है.
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