खूंटी से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Khunti Court News, खूंटी: खूंटी जिला और सत्र न्यायालय ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. मारंगहादा थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में अफीम के साथ रंगे हाथों पकड़े गए तीन आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी इस जुर्माने की राशि को जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें एक-एक साल की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी. खूंटी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेस कुमार की अदालत ने बुधवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए यह सख्त फैसला सुनाया.
इन तीन तस्करों को कोर्ट ने ठहराया दोषी
अदालत द्वारा सजा पाए गए अपराधियों में खूंटी जिले के हितुटोला का रहने वाला शत्रुघ्न स्वांसी उर्फ नरेश स्वांसी, सारिदकेल का निवासी संजय कुमार नायक उर्फ जोले और चतरा जिले के पत्थलगाड़ा थाना क्षेत्र के कुबा गांव का निवासी प्रेमचंद ठाकुर उर्फ पिंटू शामिल हैं. इन तीनों को पुलिस ने करीब 7 साल पहले, 3 अप्रैल 2019 को मारंगहादा थाना क्षेत्र के कुजराम पुल के पास से गिरफ्तार किया था. तब से यह मामला खूंटी की विशेष अदालत में चल रहा था, जहां बुधवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य देखने के बाद इन तीनों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का फरमान जारी कर दिया.
रांची जा रही इंडिगो कार से बरामद हुई थी अफीम
इस पूरे मामले की शुरुआत 2019 में पुलिस को मिली एक गुप्त और सटीक सूचना से हुई थी. मारंगहादा पुलिस को इनपुट मिली कि तस्कर शत्रुघ्न स्वांसी अपने दो अन्य साथियों के साथ भारी मात्रा में अफीम लेकर उसे बेचने के उद्देश्य से रांची की तरफ जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और कुजराम पुल के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया. इसी दौरान एक टाटा इंडिगो कार वहां पहुंची. पुलिस बल को देखकर कार में सवार शत्रुघ्न, संजय और प्रेमचंद बुरी तरह नर्वस हो गए और गाड़ी रोककर भागने की कोशिश करने लगे. हालांकि, मुस्तैद पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर तीनों को मौके पर ही दबोच लिया. कार की तलाशी लेने पर उसके अंदर से कुल 5 किलो प्रतिबंधित अफीम बरामद की गई थी, जिसके बाद कार को जब्त कर तीनों को जेल भेज दिया गया था.
10 गवाहों और 13 दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने माना दोषी
अदालत में ट्रायल के दौरान इस केस को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष (सरकारी पक्ष) की ओर से बेहद पुख्ता तैयारी की गई थी. मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए कोर्ट के समक्ष कुल 10 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए, जिन्होंने तस्करों के खिलाफ बयान दिए. इसके अलावा, पुलिस और फॉरेंसिक जांच से जुड़े 13 लिखित दस्तावेज और 5 प्रतिबंधित वस्तु (भौतिक साक्ष्य) भी अदालत की मेज पर रखे गए. इन सबूतों के सामने आने के बाद कोर्ट ने तीनों को अफीम तस्करी का मुख्य दोषी पाया. इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार और पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता वेद प्रकाश ने दमदार बहस की और तस्करों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की थी.
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