कर्रा. कर्रा हाई स्कूल मैदान में शनिवार को भारत माला सड़क परियोजना और बेड़ो-खूंटी बाईपास सड़क निर्माण के विरोध में प्रभावित 28 राजस्व गांवों के ग्रामीणों की बैठक सुखैर उरांव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी कीमत पर भारत माला परियोजना और बेड़ो-खूंटी बाईपास सड़क का निर्माण कृषि योग्य जमीन पर नहीं होने दिया जाएगा.
ग्रामीणों ने कहा किसरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण कर सड़क निर्माण किए जाने से कई परिवार विस्थापित और भूमिहीन हो जाएंगे तथा भूखमरी और पलायन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. ग्रामीणों ने भारत माला परियोजना के लिए धुर्वा-लोधमा-कर्रा-कमडारा होते हुए सिमडेगा जाने वाले पुराने मार्ग का चौड़ीकरण करने का मांग किया. इसी तरह बेड़ो-खूंटी बाईपास के लिए भी पुराने मार्ग को ही विकसित करने की मांग की.
झारखंड आंदोलनकारी फ्रेंकलिन धान ने कहा जबतक विस्थापित भूमि का ऑनलाइन पंजी टू में दर्ज नहीं किया जाता तथा ऑनलाइन रसीद नहीं कटता है. जबतक भारत माला सड़क योजना का किसी तरह का कोई कार्य नहीं करने दिया जाएगा. सभा में भारत माला सड़क परियोजना के एनएचएआई के जेई सुधीर कुमार यादव ने अपना पक्ष रखा. मौके पर रामवृत साहू, संगीता आईन्द, सलोमी संगा, महादेव धान, रविशंकर भगत, सुलेमान धान, कलिंद्र गोप, संजित होरो, ओनील परधिया सहित अन्य उपस्थित थे.
