झारखंड चुनाव में ‘बौद्धिक जहर’ की एंट्री, हेमंत सोरेन ने ‘एक्स’ पर किया लंबा पोस्ट

Jharkhand Chunav Mein Bauddhik Zeher: झारखंड विधानसभा चुनाव में बौद्धिक जहर की एंट्री हुई है. ‘एक्स’ पर हेमंत सोरेन के पोस्ट में क्या है, पढ़ें.

Jharkhand Chunav Mein Bauddhik Zeher|झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों पर हमला बोला. कहा कि ये बौद्धिक लोग हैं. बौद्धिक जहर छिड़क रहे हैं यहां पर. लेकिन, इनका बौद्धिक जहर यहां काम नहीं करेगा. उन्होंने ये बातें राजधानी रांची से सटे खूंटी के मुरहू में न्यूज एजेंसी के पत्रकारों से बातचीत में कहीं.

कायर अंग्रेजों की तरह पीछे से वार क्यों? : हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने इसके पहले अपने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर एक लंबा पोस्ट करके केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष ने बीजेपी से कई सवाल पूछे हैं. साथ ही कहा है कि अगर हिम्मत है, तो सामने से लड़ो. कायर अंग्रेजों की तरह लगातार पीछे से वार क्यों?

हेमंत बोले- मेरी छवि खराब करने पर बीजेपी ने अरबों खर्च किए

हेमंत सोरेन ने लिखा है कि कभी प्रवर्तन निदेशालय (ED), कभी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), तो कभी कोई और एजेंसी, कभी कोई और एजेंसी. झामुमो नेता ने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए बीजेपी ने अरबों रुपए खर्च कर दिए.

रघुवर दास सरकार के 5 साल सिर्फ हाथी क्यों उड़े? – हेमंत सोरेन

झामुमो नेता ने कहा कि 11 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है. 5 साल झारखंड में उसका शासन रहा. खुद को डबल इंजन की सरकार बोलती रही. फिर रघुवर दास सरकार के 5 साल सिर्फ हाथी क्यों उड़े?

बीजेपी से हेमंत सोरेन के सवाल

  • क्यों 5 साल में 13000 स्कूल बंद किए?
  • क्यों 5 साल में 11 लाख राशन कार्ड कैंसिल किए?
  • क्यों 5 साल में एक भी JPSC परीक्षा नहीं हुई?
  • क्यों 5 साल में वृद्धा/विधवा पेंशन नहीं बढ़ी, न ही मिली?
  • क्यों 5 साल में राज्य में भूख से सैकड़ों मौतें हुईं?
  • क्यों 5 साल में युवाओं को साइकिल बनाने, केला बेचने की सलाह दी गई?
  • क्यों 5 साल में सरकारी कर्मियों को ओल्ड पेंशन स्कीम नहीं दी गई?
  • क्यों 5 साल में झारखंड की बिजली बांग्लादेश में बेची गई?
  • क्यों 5 साल में सेविका/सहिया/पारा शिक्षकों पर लगातार लाठियां बरसायी गई?
  • क्यों 5 साल में बच्चियों की पढ़ाई के लिए कोई योजना नहीं लाई गई?
  • क्यों 5 साल में बहनों के लिए मंईयां सम्मान योजना नहीं लाई गई?
  • क्यों लगातार बिजली बिल बढ़ाया गया?

अपने काम को लेकर जा रहे जनता के बीच – हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने इसके बाद लिखा है कि ऐसे अनगिनत सवाल हैं. उन्होंने लिखा है- हम अपने काम को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं. कोरोना में झारखंड के श्रमिकों को हवाई जहाज से उनके घर लाने के साथ हमने ऊपर लिखे भाजपा सरकार के सभी कुकृत्यों को पीछे छोड़ा. हर वो काम किया, जो वे कभी सोच भी नहीं पाए.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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