रनिया. रनिया प्रखंड के जयपुर समेत विभिन्न पंचायत क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में जंगली हाथियों का तांडव लगातार जारी है. हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से अलग-अलग गांवों में भ्रमणशील है. लगातार आवाजाही और उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं. सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है. कई किसान आर्थिक नुकसान के कारण पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं.
दो वर्षों में सैकड़ों किसानों को हुआ नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में जंगली हाथियों ने सैकड़ों किसानों के घरों के साथ-साथ धान समेत विभिन्न फसलों को क्षतिग्रस्त किया है. करम सिंह कंडुलना, ऑलविश बरला, मंगल कंडुलना, दयाल कंडुलना, जयपुर, जापुत, जानूम टोली, गड़ा हातु, पिंडुल, तालडा, तंबूकेल, बामतेल, पुरानापानी, डाहू, कुलहड़े और चूरदाग समेत कई गांवों में हाथियों का दल लगातार पहुंच रहा है. खेतों में तैयार हो रही धान की फसल को हाथी रौंदकर नष्ट कर दे रहे हैं.
कर्ज लेकर की खेती, अब फसल बचाने की चिंता
किसानों ने बताया कि उन्होंने उधार लेकर और मजदूरी समेत अन्य खर्च जुटाकर धान की खेती की थी. महीनों की मेहनत के बाद फसल अब तैयार होने के कगार पर है. इसी समय हाथियों के खेतों में घुसने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. कई किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है. ऐसे में परिवार का खर्च चलाने के साथ-साथ लिया गया कर्ज चुकाने की चिंता भी किसानों के सामने खड़ी हो गयी है.
सर्वे कर मुआवजा देने की मांग
प्रमुख नेली दाहगा, मुखिया प्रतिमा कंडुलना तथा रेमिक्स कंडुलना के खेतों में भी हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है. पीड़ित किसानों ने तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उसके बदले मुआवजा देने की मांग की है. वहीं, ग्रामीणों ने हाथियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए स्थायी समाधान करने की मांग की है.
