हमारे इतिहास और पूर्वजों के बलिदान को बताता है डोंबारी बुरू : अर्जुन मुंडा
डोंबारी बुरू शहादत दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने डोंबारी बुरू जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
प्रतिनिधि, खूंटी.
डोंबारी बुरू शहादत दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने डोंबारी बुरू जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व खूंटी सांसद अर्जुन मुंडा शुक्रवार को डोंबारी बुरू पहुंचे. उन्होंने शहीदों को नमन किया. वहीं भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. कहा कि डोंबारी बुरू का पहाड़ इतिहास और हमारे पूर्वजों के बलिदान को बताता है. आज यहां आने पर इस बात का दुःख है कि जो संस्कृति और जल, जंगल और जमीन की बात करनेवाले सोमा मुंडा को गोली मार दी गयी. मुंडा और आदिवासी पर कोई गोली चलता है और प्रशासन के लोग निष्क्रिय रहते हैं. पिछले साल बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा के बड़े बेटे की दुर्घटना में मौत हो गयी थी. उन्हें जब रिम्स ले जाया गया था, तब रात भर किसी ने उसकी सुध नहीं ली थी. उन्होंने कहा कि लैंड बैंक को सरकार को रद्द करनी चाहिए. पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के पंचायतों को अर्बन एरिया और नगर निकाय के क्षेत्र में मिलाना संविधान का विरोध है. ग्रामीण एरिया को अर्बन एरिया में मिलाने का अधिकार राज्य सरकार का नहीं है. कहा कि सीएनटी एक्ट का प्रावधान लोगों की व्यवस्था को मजबूत करती है. यहां खूंटकट्टी के अधिकार पर हमला हो रहा है. जमीन का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है. आज हमारे लिए चुनौती का समय है. हम सब को अपनी परंपरा, प्रथा और संस्कृति के प्रति जागरूक होना होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
