तोरपा. कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), तोरपा में तृतीय वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान, रांची के निदेशक डॉ अभिजीत कर ने की. कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा करना तथा भविष्य की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाना था. बैठक में अटारी, पटना से आये प्रधान वैज्ञानिक डॉ डीबी सिंह एवं डॉ मो मोनोबुल्लाह ने कृषि विज्ञान केंद्र की कार्यप्रणाली, प्रक्षेत्र गतिविधियों तथा किसानों तक तकनीक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने आवश्यक तकनीकी सुझाव भी दिये. कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, खूंटी के अध्यक्ष डॉ दीपक राय द्वारा विगत वर्ष में केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, प्रशिक्षणों, फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन, कृषक जागरूकता शिविरों, महिला एवं युवाओं के लिए चलाये गये उद्यमिता कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने नवाचार आधारित गतिविधियों की विस्तृत व्याख्या की तथा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किये. उन्होंने बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से जिले के किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता सुधारने एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं. बैठक में खूंटी जिले के कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, वन एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे. सभी विभागों के पदाधिकारियों ने आपसी समन्वय से कार्य करने पर बल दिया, ताकि किसानों को एकीकृत एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध करायी जा सके. कार्यक्रम में किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर अपनी समस्याओं, अनुभवों तथा अपेक्षाओं को समिति के समक्ष रखा. समिति के सदस्यों ने किसानों के सुझावों को गंभीरता से सुना और उनके समाधान हेतु वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपाय सुझाये. बैठक के अंत में समिति द्वारा आगामी वर्ष के लिए कार्ययोजना, प्रशिक्षण प्राथमिकताएं, अनुसंधान विस्तार, समन्वय और जिले की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया.
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