पांच परगनिया भाषा सहायक प्राध्यापक नियुक्ति का साक्षात्कार नहीं लेने का विरोध
पंचपरगनिया भाषा-साहित्य व कला परिषद की बैठक अध्यक्ष डॉ दिनेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई.
बुंडू. पंचपरगनिया भाषा-साहित्य व कला परिषद की बैठक अध्यक्ष डॉ दिनेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें जेपीएससी विज्ञापन संख्या 04/2018 नियमित प्राध्यापक नियुक्ति में पंचपरगनिया भाषा में हो रहे विलंब के प्रति खेद व्यक्त करते हुए आगे की रणनीति तय की गयी. ज्ञात हो कि जेपीएससी राज्य के विवि में पंचपरगनिया विषय में कुल सात पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए कागजात सत्यापन कराने के बाद इंटरव्यू लेना भूल गया है. जुलाई 2025 में आयोग द्वारा कागजात सत्यापन कराया गया. लेकिन, लगभग छह माह बीत जाने के बाद भी आयोग ने इंटरव्यू की तिथि निर्धारित नहीं की है. आयोग ने वर्ष 2018 में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. इधर, रांची विवि पीजी विभाग में नियमित शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. पंचपरगनिया भाषा-साहित्य एवं कला परिषद ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा विभाग व जेपीएससी को कई बार पत्र व ज्ञापन भेज कर आग्रह किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. परिषद के सचिव डॉ विष्णुचरण सिंह मुंडा ने कहा है कि नियमित शिक्षक व अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर के नहीं रहने पर नीड बेस्ड व शोधार्थी के भरोसे विवि व कॉलेज चल रहे हैं. झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में पंचपरगनिया भाषा के एक भी नियमित प्राध्यापक नहीं है. दो जुलाई 2025 में प्रमाण पत्र सत्यापन करने के पश्चात आठ जुलाई 2025 को होने वाले साक्षात्कार को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया था. विभिन्न भाषा विद्वानों ने बैठक में जेपीएससी के द्वारा हो रही नियुक्ति में विलंब को देखते हुए जोरदार आंदोलन कर जेपीएससी घेराव एवं आमरण अनसन की योजना तैयार कर ली है. उक्त बैठक में पंचपरगनिया शिक्षाविद, शिक्षकों के साथ सैकड़ो नेट, जेआरएफ उत्तीर्ण विद्यार्थी शामिल थे.
आयोग ने वर्ष 2018 में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकीजेपीएससी B
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