खूंटी: केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक और भाजपा पर चंदा चोरी का आरोप लगाते हुए खूंटी जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गुरुवार को समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधेयक और चंदा मामले के विरोध में नारेबाजी करते हुए इसे वापस लेने की मांग की.
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के माध्यम से जल, जंगल और जमीन को कॉरपोरेट घरानों के हाथों सौंपने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक आदिवासी बहुल झारखंड के हितों के खिलाफ है. इससे आदिवासियों के अधिकार और ग्रामसभा की शक्तियां प्रभावित होंगी.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया.
राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन को खूंटी लोकसभा प्रभारी राजेश गुप्ता, जिला प्रभारी चैतू उरांव और विधानसभा प्रभारी हिमांशु राय समेत जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने संबोधित किया. वक्ताओं ने विधेयक को वापस लेने की मांग की.
कार्यक्रम के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार से विधेयक वापस लेने और राज्य के जल, जंगल, जमीन तथा आदिवासी हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
मौके पर पीटर मुंडू, रामकृष्ण चौधरी, विलसन तोपनो, गुलाम गौस, अमीर हुसैन, एलेक्सियूस परधिया, रविकांत मिश्रा, तैयब अंसारी, जयसिंह नाग, जुनैद अंसारी, समडोम तोपनो, विक्रम नाग, बंधु गंझू, ऋतुराज झा, मीनाक्षी तोपनो, शशिकांत होरो समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
