बुंडू. बुंडू अनुमंडल की आधारभूत संरचना के निर्माण और व्यवहार न्यायालय की कार्यवाही संचालित करने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन बुंडू का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक विकास कुमार मुंडा से भेंट कर ज्ञापन दिया. संगठन द्वारा दिए गये ज्ञापन में कहा गया है कि अनुमंडल की स्थापना होने के 23 वर्ष हो जाने बावजूद व्यवहार न्यायालय, कारागार एवं कार्यालय की स्थापना नहीं हो पायी है. जिससे अनुमंडल क्षेत्र से 95 किलोमीटर दूर जनजाततीय-पिछड़े ग्रामीणों को न्यायिक कार्य के लिए जाना पड़ता है. इसमें भारी कठिनाइयों के साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है. इसी के साथ चांडिल अनुमंडल बना था जहां पर सिविल कोर्ट संचालित है. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल से प्रतिनिधिमंडल की भेंट कराने का आग्रह किया गया. विधायक ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारी को मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलाने का आश्वासन दिया, इसके साथ ही विधानसभा में आवाज बुलंद करने का आश्वासन भी दिया. ज्ञात हो कि अधिवक्ता के संघ के अध्यक्ष रामचरण महतो ने झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बुंडू में सिविल कोर्ट के निर्माण करने की मांग की है, जिसके आलोक में सरकार ने अपने जवाब संतोष जनक बात नहीं कही है. उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ने सरकार को शपथ पत्र के साथ शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. बुंडू अनुमंडल में सिविल कोर्ट चालू करने के मांग को लेकर राज्य सरकार की उदासीन रवैया से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन आंदोलन चला रखा है कि शीघ्र बुंडू में सिविल कोर्ट चालू हो और जिला का भी दर्जा मिले. प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष रामचरण महतो, महासचिव शिव शंकर महतो, रितेश जायसवाल, जमुना प्रसाद, दुर्योधन महतो, विशेश्वर प्रसाद, मनव्रत मुखर्जी आदि मौजूद थे.
बुंडू में सिविल कोर्ट की मांग को लेकर विधायक से मिले अधिवक्ता
एसोसिएशन बुंडू का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक विकास कुमार मुंडा से भेंट कर ज्ञापन दिया.
