सगीर अहमद की रिपोर्ट
खूंटी. कर्रा हाई स्कूल मैदान में शनिवार को भारतमाला सड़क परियोजना और बेड़ो-खूंटी बाइपास सड़क निर्माण के विरोध में कर्रा प्रखंड के प्रभावित 28 राजस्व गांवों के ग्रामीणों की जनसभा आयोजित की गयी. जनसभा की अध्यक्षता फ्रैंकलीन धान ने की. इस अवसर पर ग्रामीणों ने कृषि योग्य भूमि में किसी भी कीमत पर भारतमाला परियोजना और बेड़ो-खूंटी बाइपास सड़क का निर्माण नहीं होने देने का निर्णय लिया.
विस्थापित और भूमिहीन हो जायेंगे
ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन पर सड़क प्रस्तावित है, उसी जमीन पर उनके पूर्वज वर्षों से खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते आये हैं. सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण कर सड़क निर्माण किये जाने से कई परिवार विस्थापित और भूमिहीन हो जायेंगे, जिससे भुखमरी और पलायन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
पुराने मार्ग का चौड़ीकरण करने की मांग
ग्रामीणों ने भारतमाला परियोजना के लिए धुर्वा-लोधमा-कर्रा-कमडारा होते हुए सिमडेगा जाने वाले पुराने मार्ग का चौड़ीकरण करने की मांग रखी. इसी तरह बेड़ो-खूंटी बाइपास के लिए भी पुराने मार्ग को ही विकसित करने की मांग की गयी. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी कृषि योग्य जमीन का एक इंच भी सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे.
प्रखंड के 28 राजस्व गांव प्रभावित
खूंटी एलआरडीसी सुषमा लकड़ा ने ग्रामीणों की बातें सुनीं. उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है. परियोजना से कर्रा प्रखंड के 28 राजस्व गांव प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने ग्रामीणों से धैर्य बनाये रखने की अपील की. कहा कि सभी समस्याओं का समाधान निकाला जायेगा.
कार्यक्रम का संचालन स्वर्णलता आईंद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुखेर उरांव ने किया. मौके पर रिलन होरो, संदीप संगा, मेहा मुखिया अजय खलखो, कुलन पतरस आईंद, संजय कुजूर, लोहर बाखला, भीमसेन तिर्की, राजू गोप, जोसेफ हेरेंज, सुनील सांगा, सुशांति धान, सुखैर उरांव, रामवृत साहु, अजीज खान, सुचित सांगा, निकोलस धान, सूरज गोप, विजय सिंह, मरकुस होरो, रंजीत सिंह, बाडा लिंडा, राकेश बड़ाइक, स्वर्ण लता आईंद, आशीष होरो, मानुएल आईंद, अनील भेंगरा, रंजीत सिंह सहित भू-अर्जन पदाधिकारी और कर्रा सीओ उपस्थित थे.
