खूंटी : झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (समाहरणालय संवर्ग) खूंटी शाखा की बैठक मंगलवार को पेंशनर भवन में धर्मदास आईंद की अध्यक्षता में हुई. इसमें राज्य स्तरीय पदाधिकारी के साथ-साथ जिला अनुमंडल, प्रखंड व अंचल अनुसचिवीय कर्मचारी शामिल हुए. बैठक में कर्मचारियों ने अपनी 18 सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए सर्वसम्मति से दिनांक 24 मई के अपराह्न से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया. बैठक में विजेंद्र कुमार राम, अरुण कुमार दत्ता, महानंद सुरीन, योगेंद्र वर्मा, अजय कुमार, शंभु उरांव, तेज मोहम्मद, नौशाद अहमद, मल्लिक, महेश नंद तिवारी, उदय भूषण, राम सिंह, मेंगोला गुड़िया, सबीना खालखो, अनिता देवी, प्रभा मुक्ति खेस आदि मौजूद थे.
क्या है प्रमुख मांगे : समाहरणालय लिपिकों की सेवाशर्त नियमावली में व्याप्त विसंगति को दूर करने, उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के आलोक में समाहरणालय, अनुमंडल, प्रखंड व अंचल में नये प्रशाखाओं का गठन व तदनुरूप नये पदों का सृजन, समिति सेवा के माध्यम से 25 प्रतिशत पदों पर सचिवालय में जाने की अनुशंसा को लागू करने, सामाजिक सुरक्षा के वैसे लिपिक जिनका सामंजन जिला सेवा में नहीं हुआ है, उनके लिए सेवा शर्त नियमावली बनाने, राजभाषा के कर्मियों की जो नयी सेवा शर्त नियमावली को संशोधित करने, जिला में स्थित आशुलिपिकों के लिए सेवा शर्त नियमावली में संशोधन कर सचिवालय तर्ज पर बनाने आदि मांग शामिल है.
आंदोलन को सशक्त बनाने के लिए कमेटी बनी : अनुसचिवीय कर्मचारी संघ(समाहरणालय संवर्ग) जिला संघर्ष समिति : धर्मदास आईद अध्यक्ष, महेश नारायण तिवारी, महानंद सुरीन, योगेंद्र वर्मा, पितरूस गुड़िया, शंभु उरांव उपाध्यक्ष, गोस्नर किंडो सचिव, उदय भूषण प्रसाद, मंगोला गुड़िया सह-सचिव, प्रमोद कुमार, प्रभा मुक्ति खेस, एजाज अहमद, अनिता देवी, राम सिंह प्रचार मंत्री, जामिनी सिंह व राजकुमार पातर कोषाध्यक्ष, रतन मिश्र, बलराम पहाड़िया, मुकेश राम, मकर सिंह मुंडा संगठन मंत्री बनाये गये.
प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति : संजय बाला, सत्येंद्र सिंह, विक्रम सिंह अड़की के मुख्य संरक्षक, आजाद अहमद, भुनेश्वर राम, बालेश्वर उरांव कर्रा, अभिमन्यु महतो, चितरंजन महतो, सामुएल मालतो, महेंद्र टोप्पो तोरपा, वरूणोदय कुमार, सुखराम पाहन, सुमन मालतो, रनिया, मुचिराय मुंडा, प्रदीप मिंज, रघुनाथ महतो खूंटी सहित नकूल पहाड़िया व कमलेश कुमार मुरहू के मुख्य संरक्षक बनाये गये.
