मजदूर हित में ट्रांस्पोर्टरों के खिलाफ लड़नेवाले ही बन गये हैं ट्रांसपोर्टर

आरसीएमएस की डकरा में हुई बैठक डकरा : मजदूर हित में ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दिखावा कर डकरा में कुछ लोग खुद ही ट्रांसपोर्टर बन गये. ये कौन लोग हैं और इन्होंने असंगठित मजदूरों का इस्तेमाल कर कैसे बड़े पूंजीपति बन गये इस पर कोयलाचंल के असंगठित मजदूरों को विचार करने की जरूरत […]

आरसीएमएस की डकरा में हुई बैठक

डकरा : मजदूर हित में ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दिखावा कर डकरा में कुछ लोग खुद ही ट्रांसपोर्टर बन गये. ये कौन लोग हैं और इन्होंने असंगठित मजदूरों का इस्तेमाल कर कैसे बड़े पूंजीपति बन गये इस पर कोयलाचंल के असंगठित मजदूरों को विचार करने की जरूरत है. उक्त बातें आरसीएमएस (इंटक) एनके एरिया असंगठित मजदूर के अध्यक्ष सलामत अंसारी ने डकरा में यूनियन की बैठक में कही. उन्होंने कहा कि वर्ष 2003-04 में इंटक नेता राजन सिंह राजा की अगुवाई में पहली बार असंगठित मजदूर की कमेटी का गठन कर बड़े पूंजीपतियों के खिलाफ लड़ाई शुरू की गयी थी. उस समय हमारे नेताओं को बम कांड में फंसाने की साजिश भी रची गयी थी, लेकिन हमलोगों ने कभी भी असंगठित मजदूरों के हक अधिकार से कोई समझौता नहीं किया.
मजदूरों को इन सभी स्थितियों पर विचार करने की जरूरत है. मजदूर एक मंच पर आकर अपने हक अधिकार की लड़ाई मजबूत करें, ताकि प्रबंधन को झुकाया जा सके. वरिष्ठ नेता राजेश सिंह मिंटू ने कहा कि अकुशल मजदूरों को 608, अर्द्धकुशल को 674, कुशल को 739 और अतिकुशल को 805 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी तय है. यह मजदूरी एनके एरिया में नहीं दी गयी तो अगली बैठक में पूरे एरिया को बंद कराने के निर्णय पर विचार किया जायेगा. संचालन मजिद अंसारी और धन्यवाद ज्ञापन साबिर अंसारी ने किया. इस अवसर पर इंदिरा देवी, तानो देवी, पुष्पा कुमारी, किशोर चौहान, रूपेश मिश्रा, आशुतोष कुमार, आनंद, प्रकाश कुमार, सीताराम साव, सत्येंद्र, वेदप्रकाश, जितेंद्र प्रसाद, पूजा देवी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

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