खूंटी : खूंटी के तोरपा रोड के खूंटी टोली से 14 अप्रैल को अगवा हुई तीन नाबालिग छात्राओं को खूंटी जिला पुलिस ने सोमवार को सकुशल बरामद कर लिया. तीनों छात्राओं को पीएलएफआइ द्वारा अगवा किया गया था. उन्हें कुलबुरू के जंगल में रखा गया था. छात्राओं के परिजनों ने बताया कि तीनों छात्राएं सोमवार की दोपहर लगभग 12 बजे खूंटी बाजारटांड़ पहुंची. वहां से उन्हें घर लाया गया़ फिर पुलिस आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें अपने साथ ले गयी. तीनों फिलहाल पुलिस के पास सुरक्षित हैं.
खूंटी से अपहृत तीन छात्राएं उग्रवादियों के चंगुल से मुक्त, कुलबुरु के जंगल में रखा गया था छात्राओं को
गत 14 अप्रैल को जन्मदिन मनाने निकली थीं छात्राएं
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 14 अप्रैल को तीनों छात्राएं जन्मदिन मनाने के लिए घर से निकली थीं. जहां से उनके तीन दोस्त विकास नायक, नोएल मुंडा और संजय ओड़ेया बहला-फुसला कर अपने साथ ले गये. तीनों आरोपी पीएलएफआइ के उग्रवादी थे.
इसके बारे में छात्राओं को जानकारी नहीं थी. इस कारण आसानी से वे उनके झांसे में आ गयी. छात्राओं को कुलबुरू के जंगल में ले जाया गया़, जहां पहले से 10-12 की संख्या में पीएलएफआइ के उग्रवादी मौजूद थे. मामले को लेकर एक छात्रा की मां ने खूंटी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी़
इसके बाद पुलिस छात्राओं की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी. पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण उग्रवादियों ने तड़के तीन बजे छात्राओं को छोड़ दिया. मामले में एक आरोपी दयाल सोय उर्फ संजय ओड़ेया को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है़ छात्राओं को किस मकसद से अगवा किया गया था, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गयी है़
सीएम जनसंवाद केंद्र में भी उठाया गया था छात्राओं के लापता होने का मामला
खूंटी के बड़ाइक टोली से लापता तीन छात्राओं का मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में भी उठाया गया था. पुलिस ने लापता छात्राओं को पीएलएफआइ द्वारा अगवा कर लिये जाने की आशंका जतायी थी. मामले में एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था.
तीनों छात्राओं को बरामद करने के लिए स्पेशल टीम गठित कर संभावित जगहों पर छापेमारी की जा रही थी. मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र से निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने छात्राओं की बरामदगी के लिए अभियान तेज कर दिया था और अंतत: उन्हें सफलता भी मिली.
