आदिवासी-मूलवासी हित के लिए काम करेंगे
खूंटी : आदिवासी सेंगेल आंदोलन से परिवर्तित होकर राजनीतिक पार्टी के रूप में अस्तित्व में आयी राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी का मंगलवार को पहला अधिवेशन कुंजला बाजारटांड़ में हुआ़ अधिवेशन की शुरुआत बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर की गयी. अधिवेशन में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा टेटे ने कहा कि हमलोग प्रखंड, पंचायत और गांव-गांव में बैठक करेंगे़
राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी का उद्देश्य जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना है़ यहां की संस्कृति, भाषा, नौकरी, आबादी, विस्थापन सहित अन्य मुद्दों पर कार्य करेगी़ कहा कि पार्टी यहां के आदिवासी और मूलवासियों के लिए आवाज उठायेगी़
पार्टी के सलाहकार डॉ केरूबिम तिर्की ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां आदिवासी मुद्दों को अपना मुद्दा नहीं बनाती हैं. आदिवासी-मूलवासी के लिए विधानसभा या सड़क पर आवाज नहीं उठाते हैं. राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी नये लोगों को नेतृत्व देगा और आदिवासी-मूलवासी के हक के लिए कार्य करेगी़ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मार्शल बारला ने कहा कि सभी पार्टियां अपने को आदिवासियों का हितैषी बताती हैं और बाद में आदिवासियों को विस्थापित करने की ही योजना लेकर आती हैं. हम पार्टी का विस्तार करेंगे और सभी मिलजुल कर काम करेंगे़
राष्ट्रीय महासचिव अनिल कंडुलना ने कहा कि झारखंड गठन के 17 वर्ष बीतने के बाद भी आदिवासियों की स्थिति में बदलाव नहीं आया़ राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सिबिल कंडुलना ने कहा कि राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी आदिवासी समाज को बचाने का बीड़ा उठायी है़ मौके पर भोला पहान, बिनसाय मुंडा, फ्रांसिस कुल्लू, बसंद समद, लोरेंस कंडीर, अर्जुन मुंडा, बेंजामिन डांग सहित अन्य उपस्थित थे़
