खलारी : कृषि जागृति अभियान समारोह के दूसरे दिन खेती को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी गयी. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष अभियंता डाॅ डीके रूसिया ने कहा कि आज छोटे स्तर से लेकर बड़े पैमाने पर खेती के लिए कृषि यंत्र उपलब्ध हैं. खेती के लिए यंत्र काफी उपयोगी हैं. खास कर महिला किसानों को खेती के दौरान इन यंत्रों के उपयोग करने से समय, ऊर्जा और आर्थिक बचत होगी. यहां तक कि फसल में खर-पतवार निकालने के लिए भी यंत्र हैं.
उन्होंने कहा कि टपक सिंचाई का उपयोग करने, बागवानी करने, सब्जियों की खेती कर अधिक लाभ कमाया जा सकता है. बताया कि हर खेत में तीन से चार साल के अंतराल में मिट्टी पलट देना चाहिए. खेत जोताई के दौरान कम से कम पांच इंच तक खुदाई करें. इससे खेतों में लंबे समय तक नमी बरकरार रहेगी. कहा कि सामान्य तौर पर कमजोर बैल से किसान जुताई करते हैं, जिसके कारण मात्र दो से तीन इंच मिट्टी ही पलट पाते हैं. अच्छी खेती के लिए मजबूत बैल और मजबूत हल की आवश्यकता है. डॉ रूसिया ने कहा कि खेती के लिए डोभा काफी उपयोगी हैं.
जिस डोभा में पानी होता है, उसके आसपास जमीन में नमी होती है. डोभा के मेड़ पर लत्तेदार सब्जी, फलदार वृक्ष, अरहर लगाने से आमदनी तो बढ़ेगा ही, दुर्घटना भी नहीं होगी और मेड़ का कटाव भी नहीं होगा. डोभा में मछली पालन, बत्तख पालन किया जा सकता है. महिला समूहों को कृषि उपकरण बैंक बनाने का सुझाव दिया. इससे महिलाएं स्वावलंबी तो बनेगी ही, उपकरणों को किराये पर देकर पैसा भी कमाया जा सकता है.
खेती के लिए डीएपी व यूरिया का कम से कम उपयोग करने की सलाह दी. बेाआई के समय रासायनिक उर्वरक डाल देने से फसल से ज्यादा खर-पतवार उग आते हैं जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. सभी किसानों ने अपने-अपने घर में एक-एक नीम का पौध लगाने का संकल्प लिया. बैंक ऑफ इंडिया के खलारी शाखा तथा झारखंड ग्रामीण बैंक लपरा के अधिकारियों ने किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि को मिलनेवाले अन्य ऋण के बारे में जानकारी दी. ऑरिएंटल इंश्योरेंस रांची शाखा के प्रबंधक ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के बारे में विस्तार से बताया. मत्स्य प्रसार पदाधिकारी सुदेश कुमार ने गव्य विकास की जानकारी दी.
डाॅ प्रीति सरोज खोया तथा शोभा मनी मरांडी ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी. कृषि स्टॉलों पर किसानों की भीड़ लगी रही. इधर बलथरवा में परती भूमि में मशीन से मेड़बंदी कर दिखाया गया. कार्यक्रम का संचालन भूमि संरक्षण के नोडल अधिकारी अनिल कुमार ने किया. अध्यक्षता प्रमुख सोनी तिग्गा ने की. इस मौके पर मुखिया पुष्पा खलखो, सुशीला देवी, संजय आइंद, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सुमन बारला, प्रखंड प्रसार पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.
