Jharkhand Weather: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरलम में भले ही सामान्य से तीन दिन देर से पहुंचा, लेकिन झारखंड में मॉनसून की इंट्री पिछले साल की तुलना में पांच दिन पहले ही हो गई. मॉनसून शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी से होकर संताल परगना के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर गया. इसके साथ ही इसने जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, धनबाद, गिरिडीह और पूर्वी सिंहभूम के कई हिस्सों को कवर भी कर लिया है. यह जानकारी शुक्रवार को मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने दी.
72 घंटे में राज्य के अन्य हिस्सों तक पहुंचेगा मॉनसून
अभिषेक आनंद ने कहा कि अगले 72 घंटे में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड के कुछ अन्य हिस्सों में बढ़ने की संभावना है. इसके आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल है. अभिषेक आनंद ने कहा कि एक दिन पहले मॉनसूनी गतिविधि देश के पूर्वी हिस्सों में बढ़ी हुई थी. 11 जून को पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रवेश करने के बाद मॉनसून ने झारखंड में प्रवेश किया है. हालांकि रांची सहित बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर आदि शहरों में प्री-मानसून बारिश भी हुई. 24 घंटे में सबसे अधिक चाकुलिया (पूर्वी सिंहभूम) में 92.2 मिमी बारिश हुई.
आज 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 13 जून को राज्य के उत्तर-पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भाग में 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा के साथ वज्रपात और बारिश होने की संभावना है. प्रभावित जिलों में गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग और रामगढ़ शामिल हैं. इसे देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं रांची सहित अन्य 12 जिलों में 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा, मेघ गर्जन व बारिश की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने लोगों से वज्रपात के समय खेत, पेड़ के नीचे, बिजली पोल के नीचे नहीं रहने की अपील की है. ऐसे समय में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
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