झारखंड में पेशा कानून लागू कराने के लिए रहना होगा सजग : सुनील बास्की

जामताड़ा. मांझी परगना सरदार महासभा प्रखंड समिति नारायणपुर की बैठक बुटबेरिया पंचायत भवन में हुई.

बुटबेरिया पंचायत भवन में मांझी परगना सरदार महासभा की हुई बैठक प्रतिनिधि, जामताड़ा. मांझी परगना सरदार महासभा प्रखंड समिति नारायणपुर की बैठक बुटबेरिया पंचायत भवन में हुई. इसमें बुटबेरिया एवं चंपापुर पंचायत के मांझी, नाईकी, कुडाम नाईकी, जोगमांझी, पाराणिक, जोगपाराणिक, भोद्दो, गोडेत, लासेरसाल एवं सुसारिया शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता मांझी परगना सरदार महासभा के उपाध्यक्ष सह मांझी बाबा तारकेश्वर मुर्मू ने की. बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक समाज व पेशा कानून के जानकार सुनील कुमार बास्की, मांझी परगना सरदार महासभा के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा, समाजसेवी सर्जन हांसदा, नारायणपुर प्रखंड अध्यक्ष सज्जन कुमार मुर्मू, सचिव संजीत हेंब्रम उपस्थित थे. सुनील कुमार बास्की ने मांझी परगना स्वशासन व्यवस्था एवं पेशा कानून पर चर्चा की. कहा कि निकट भविष्य में झारखंड में पेशा कानून लागू होगा, उसके लिए हमें सजग रहना होगा. पेशा का अर्थ ही समझना होगा कि आदिवासियों के हाथों में शासन यानी ग्रामसभा का अध्यक्ष मांझी हाड़ाम ही होगा. उन्होंने ग्राम प्रधान और मांझी का फर्क बताते हुए कहा कि रूढ़िगत प्रधान, मांझी एवं राजस्व ग्राम प्रधान का पद एक ही व्यक्ति धारण करता है तो उस स्थिति में सामाजिक मांझी के रूप में जाना जायेगा. यदि सिर्फ राजस्व ग्राम प्रधान का पद धारण करता है तो आदिवासी गांव में ग्राम सभा का अध्यक्ष कतई नहीं हो सकता है. यह पेशा कानून में स्पष्ट है. जिलाध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने कहा कि पेशा कानून या आदि कर्मयोगी पर जिले के सभी प्रखंडों में सरकार द्वारा प्रशिक्षण चल रहा है, उसमें मांझी हाड़ाम तथा स्वशासन के अन्य सदस्यों को बुलाया नहीं जा रहा है. उसके जगह पर ग्राम प्रधान या अन्य लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो गलत है. इसके लिए मांझी परगना जिला कमेटी की ओर से 15 सितंबर को उपायुक्त को मांग पत्र दिया गया है. यदि हमारी मांगों पर प्रशासन गौर नहीं करती है तो जिला एवं प्रखंड स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जायेगा. स्वशासन के सभी सदस्यों को सरकार द्वारा पारित सम्मान राशि अविलंब दे. कुछ संगठन के लोग आधा अधूरा जानकारी के कारण राजस्व ग्राम प्रधान और मांझी एक ही पद कह रहा है. ऐसे दलालों से हमें सावधान रहने की जरूरत है. ऐसे लोगों के चलते ही आज नारायणपुर अंचल में गोडेत नाम से दूसरे समाज के लोगों को सम्मान राशि दिलायी गयी है जो जांच का विषय है. बैठक को समाजसेवी सर्जन हांसदा ने भी संबोधित किया. बैठक में सैकड़ों मांझी, नाईकी, जोगमांझी, पाराणिक, जोगपाराणिक, कुडाम नाईकी, भोद्दो, गोडेत एवं सुसारिया उपस्थित थे.

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By Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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