दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए मिला प्रशस्त एप का प्रशिक्षण

शिक्षकों को सक्षम बनाया जाएगा कि वे स्कूल स्तर पर ही दिव्यांग बच्चों की पहचान कर सकें और उन्हें समुचित सहयोग उपलब्ध करा सकें.

कुंडहित. दिव्यांग छात्र-छात्राओं की समय पर पहचान और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को कुंडहित के सचिव सह प्रधानाध्यापकों को प्रशस्त एप का प्रशिक्षण दिया गया. बतौर प्रशिक्षक रिसोर्स शिक्षक प्रेम प्रकाश मंडल ने बताया कि कैसे प्रशस्त एप के माध्यम से कक्षा में बच्चों के व्यवहार, सीखने की प्रक्रिया, संप्रेषण क्षमता और शारीरिक गतिविधियों का आकलन कर प्रारंभिक स्तर पर उनकी विशेष आवश्यकताओं की पहचान की जा सकती है. बताया कि प्रशस्त एप राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है, जो शिक्षकों को सरल भाषा और वैज्ञानिक विधियों से बच्चों की पहचान करने में मदद करता है. इसके माध्यम से 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की स्क्रीनिंग की जा सकती है. बीइइओ मिलन कुमार घोष ने बताया कि प्रशिक्षण शिक्षकों को सक्षम बनाएगा कि वे स्कूल स्तर पर ही दिव्यांग बच्चों की पहचान कर सकें और उन्हें समुचित सहयोग उपलब्ध करा सकें. कार्यक्रम के अंत में मध्य विद्यालय छोलाबेड़िया के छात्र आस्तिक बाउरी तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय गायसावड़ा की छात्रा सुकी मिर्धा को ब्रेल किट तथा ब्रेल किताब दिया गया.

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By Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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