विद्यार्थियों की सुविधा से ज्यादा चिंता चोरी की, नहीं रखे जाते बेंच-डेस्क

विद्यार्थियों की सुविधा से ज्यादा चिंता चोरी की, नहीं रखे जाते बेंच-डेस्क

नारायणपुर की रुपडीह पंचायत के डूमरडीहा उप्रावि का हाल निकेश सिन्हा, नारायणपुर सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए भले ही सरकार एड़ी चोटी का जोर लगा रही हो, परंतु परिणाम सार्थक नहीं निकल रहा है. नारायणपुर शैक्षणिक अंचल में बदहाल शिक्षा व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. ताजा मामला रूपडीह पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय डुमरडीहा का है. इस विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 85 है. बुधवार को 24 बच्चे उपस्थित थे. एक कमरे में बच्चों को बैठाकर सहायक शिक्षक सिदाम लाल मुर्मू पढ़ा रहे थे. जबकि सचिव गोविंद हांसदा नदारद थे. जिस कक्षा में बच्चे बैठकर पढ़ रहे थे, उसमें खिड़की गायब थी. बच्चे घर से बोरा लाकर जमीन पर बिछाकर बैठे थे. उपस्थित शिक्षक ने बताया कि चोरी के भय से बेंच-डेस्क स्कूल में नहीं रखा गया है. सचिव का नाम फर्जी पारा के सूची में, उपस्थिति बनाकर रहते हैं घर में स्कूल में पढ़ रहे रुबिलाल हांसदा, प्रदीप हांसदा, साधोरी हांसदा, सकुंतला हांसदा, पूजा हांसदा ने बताया कि विद्यालय सचिव कभी-कभी आते हैं, पढ़ाते तो हैं नहीं. जबकि सहायक शिक्षक के अनुसार दैनिक उपस्थिति पंजी में सचिव की 12 अगस्त तक उपस्थिति बनाई गई है. इस संबंध में सचिव ने कहा कि विभाग ने हमारे डिग्री को फर्जी बताकर तत्काल वेतन रोक दिया है. फिर स्कूल जाकर क्या करेंगे. लकड़ी के ईंधन से भर जाता है पूरा स्कूल, रसोइया भी बेहाल इस विद्यालय में एलपीजी गैस से नहीं बल्कि लकड़ी के ईंधन से एमडीएम बनता है. रसोइया बड़की बास्की ने कहा कि गैस की सुविधा नहीं है. इसलिए लकड़ी के ईंधन पर एमडीएम बनाने की मजबूरी है. धुएं से बहुत परेशानी होती है पर क्या करें, मजबूरी जो ठहरी. किसे कहें. ग्रामीणों की मानें तो यह विद्यालय मनमानी तरीके से संचालित होता है, लेकिन इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है. सीआरपी स्कूल अनुश्रवण के लिए आते भी हैं या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है. क्या कहतीं हैं बीपीओ – डुमरडीहा विद्यालय के सचिव का नाम फर्जी डिग्री सूची में है. इसलिए, सहायक शिक्षक को विद्यालय का प्रभार देने का निर्देश जारी कर दिया गया है. बेंच डेस्क और अन्य व्यवस्था संबंधी जानकारी मेरे पास नहीं है; इस बारे में संबंधित सीआरपीसी से पूछा जाएगा, क्योंकि इन चीजों की निगरानी करना और कार्यालय को सूचित करना उनका दायित्व है. उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया और जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी. – अनामिका हांसदा, बीपीओ, प्रखंड संसाधन केंद्र नारायणपुर. ———————————- उत्क्रमित विद्यालय डुमरडीहा में शिक्षा बेहाल, 85 में सिर्फ 24 छात्र उपस्थित खिड़की गायब, बेंच नहीं, बोरे पर बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे फर्जी डिग्री का आरोप, वेतन रोकने पर सचिव ने स्कूल आना छोड़ दिया रसोई गैस उपलब्ध नहीं, लकड़ी के चूल्हे पर बनता है एमडीएम फर्जी डिग्री के आरोपी सचिव की उपस्थिति दर्ज, लेकिन स्कूल से नदारद

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JIYARAM MURMU

JIYARAM MURMU is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >