स्कूल का अग्निशामक व तड़ित चालक बेकार, वायरिंग भी पायी जर्जर

नारायणपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शुक्रवार को शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसमें 23 बच्चियां बेहोश हो गईं। सभी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज हुआ और वे स्वस्थ हैं। शनिवार को उपायुक्त के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया, जिसमें विद्युत वायरिंग, तड़ित चालक और अग्निशामक यंत्र की जांच की गई। टीम ने तड़ित चालक बेकार, अग्निशामक यंत्र एक्सपायर और वायरिंग जर्जर पाया, जिससे 450 बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल उठे। निरीक्षण रिपोर्ट गोपनीय रखी गई, लेकिन प्रशासन सुरक्षा सुधार का आश्वासन दे रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वायरिंग बदली जाएगी, न्यू अग्निशामक लगाए जाएंगे और सुरक्षा मानक सुधरेंगे।

– प्रभात फॉलोअप. जिला स्तरीय टीम ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय का किया निरीक्षण आसमानी बिजली गिरने से 23 बच्चियों के बेहोश होने का मामला प्रतिनिधि, नारायणपुर. नारायणपुर के पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शुक्रवार शाम शॉर्ट सर्किट होने के बाद, शनिवार को जिला स्तरीय टीम ने निरीक्षण किया. टीम में एसी पूनम कच्छप, डीईओ चर्ल्स हम्ब्रम, सीओ देवराज गुप्ता, विद्युत विभाग के ईई अभिषेक आनंद और सीआई निरंजन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी शामिल थे. शुक्रवार को विद्यालय परिसर में आसमानी बिजली गिरने से विद्युत ट्रांसफार्मर पर शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लगभग 23 बच्चियां बेहोश हो गयीं थीं. सभी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नारायणपुर ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज हुआ और सभी स्वस्थ हैं. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उपायुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया और विद्युत वायरिंग, तड़ित चालक, अग्निशामक यंत्र तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच की. टीम ने वार्डन पारुल मांझी से आवश्यक सवाल भी पूछे. सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में लगे तड़ित चालक बेकार पाए गए, अग्निशामक यंत्र एक्सपायर हो चुके थे और विद्युत वायरिंग भी जर्जर हालत में थी, जिससे लगभग 450 बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. एसी पूनम कच्छप ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपी जायेगी. रिपोर्ट गोपनीय होने के कारण उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों में बड़े बदलाव करने के संकेत दिए. स्थानीय लोगों और अभिभावकों का मानना है कि इस घटना ने विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन को सचेत कर दिया है. अब उम्मीद है कि वायरिंग बदली जायेगी, नये अग्निशामक लगाए जायेंगे और तड़ित चालक भी सक्रिय होंगे, जिससे बच्चियों को सुरक्षित माहौल मिलेगा.

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By JIYARAM MURMU

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