फाइलेरिया उन्मूलन के लिए लोगों को खिलाई गयी दवा

फतेहपुर. प्रखंड के बनगढ़ी गांव में सोमवार को ग्रामीणों की ओर से फाइलेरिया की निशुल्क दवा खाने से इंकार किए जाने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा.

फतेहपुर. प्रखंड के बनगढ़ी गांव में सोमवार को ग्रामीणों की ओर से फाइलेरिया की निशुल्क दवा खाने से इंकार किए जाने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा. इस दौरान बीडीओ प्रेम कुमार दास, चिकित्सा प्रभारी डॉ नवीन कुमार व जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के बीच जागरुकता अभियान चलाया. स्वास्थ्य विभाग की टीम सहिया, सेविका और आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गांव-गांव जाकर निशुल्क दवाइयां लोगों को खिला रही है, पर बनगढ़ी गांव में लगभग पचास परिवारों ने दवा खाने से साफ इंकार कर दिया. स्वास्थ्यकर्मी बैरंग लौटने लगे तो इसकी सूचना प्रशासन को दी गयी. बीडीओ स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को फाइलेरिया रोग के दुष्परिणामों तथा दवा खाने के फायदे समझाए. बीडीओ ने ग्रामीणों से कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है, जिसे समाप्त करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत हैं. उन्होंने समझाया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. इसे लोग निःसंकोच खा सकते हैं. बीडीओ व जनप्रतिनिधियों के आग्रह के बाद ग्रामीण दवा खाने को तैयार हुए. चिकित्सा प्रभारी डॉ नवीन कुमार ने भी ग्रामीणों को कहा कि एक खुराक दवा खाने से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे फाइलेरिया जैसी बीमारी से स्थायी सुरक्षा मिलेगी. मौके पर एमपीडब्ल्यू सुमित झा, अशोक कुमार, बीटीटी अवध बिहारी राम, मुखिया व प्रधान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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Published by: Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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