योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए ईमानदारी से हो प्रयास : डीएसइ

विद्यालय प्रभारियों की दो दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण गुरुवार से जामताड़ा कॉलेज के चाकड़ी स्थित मल्टीपर्सस हॉल में शुरू हुआ.

By UMESH KUMAR | March 20, 2025 6:51 PM

जामताड़ा. विद्यालय के प्रभारियों की दो दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण गुरुवार से जामताड़ा कॉलेज के चाकड़ी स्थित मल्टीपर्सस हॉल में शुरू हुआ. प्रथम दिन विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रधानाध्यापकों को शैक्षणिक कार्य की विस्तार से जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डीएसइ विकेश कुणाल प्रजापति ने किया. उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी धरातल पर उतारी जा सकती है, जब इसकी शुरुआत ईमानदारी से हो और जब इसकी शुरुआत ईमानदारी से होगी तो भविष्य में सारी योजनाओं में पारदर्शिता होगी. कहा कि एसएमसी की राशि का खर्च कानून सम्मत हो, इसकी जिम्मेवारी एसएमसी पर है. सरकार की ओर से हर विद्यालय में 16 सदस्यों वाली एसएमसी का गठन किया गया है. प्रत्येक माह 25 तारीख को सभी एसएमसी की बैठक होती है. इसमें सभी सदस्य भाग लें और विद्यालय के विकास में अपना योगदान दें. कहा कि विद्यालय में प्रत्येक वर्ष विकास योजनाएं बनाई जाती है. इसमें सभी सदस्यों की उपस्थिति होनी चाहिए, ताकि योजनाओं की जानकारी सभी सदस्यों को मिल सके. 15 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को सर्वे के माध्यम से चिह्नित कर उनको शिक्षित करने की योजना है. शिक्षकों को नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को शिक्षित करने काे कहा. प्रशिक्षण में बतौर मास्टर ट्रेनर बीआरपी गोवर्धन मंडल, नशीतूर रब, सीआरपी मकसूद अंसारी, श्याम सुंदर पंडित, रंजीत सिन्हा, राघवेंद्र नारायण सिंह, फैज अकरम, डायट के सुबोध कुमार, एनजीओ प्रतिनिधि विनीत झा थे. मास्टर ट्रेनरों ने मौजूद सचिवों को एसएमसी के गठन, कार्य, बच्चों के ठहराव और शत- प्रतिशत नामांकन की विस्तार से जानकारी दी. प्रशिक्षण में एसएमसी सदस्यों को एक आदर्श विद्यालय कैसा होना चाहिए, बनाने में समिति का योगदान और दायित्व क्या है? इसके बारे में बताया गया. साथ ही उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बच्चों का अधिकार, शिक्षक- अभिभावक बैठक के बारे में बताया गया. शिक्षक प्रतिनिधि वाल्मीकि कुमार और डॉ दिलीप कुमार सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये. एपीओ रश्मि एक्का ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य समिति को सशक्त एवं जागरूक बनाने तथा विद्यालय के विकास में उनकी पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना है. मंच संचालन शिक्षक विद्या सागर ने किया. मौके पर शिक्षक हरि प्रसाद राम, नवीन कुमार, सुधीर कुमार, अमरनाथ दास, सत्येंद्र कुमार सिन्हा, रंजीत सिन्हा, कृष्णा रजक, संजय झा, प्रमोद तांती, संजय प्रसाद, मालती लता यादव, रश्मि कुमारी, पिंकी झा आदि मौजूद थे.

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