नाला. नेताजी स्टेडियम में सार्वजनिक श्रीश्री दुर्गा पूजा कमेटी, नाला नीचेपाड़ा, गड़ेर दुर्गा, देवली, कुलडंगाल, सीतामुड़ी, अफजलपुर, बर्धनडंगाल, महेशमुंडा, पाथरघाटा, कास्ता, आमलाजुड़ी, सियारकेटिया, सालुका आदि पूजा मंडपों में मां को बेल वृक्ष से गाजे-बाजे के साथ लाया गया. परंपरा के अनुसार स्थानीय तालाब से मंगल कलश लाकर स्थापना की गयी. मां के मंगल कलश स्थापना के बाद महासप्तमी पूजा विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गयी. महासप्तमी पर नवपत्रिका को पालकी में चढ़ाकर शंख ध्वनि, गाजे बाजे के साथ पूजा मंडप तक लाया गया एवं स्थापित की गयी. नवपत्रिका का अर्थ है नौ प्रकार के पत्तों से मां दुर्गा की पूजा की जाती है. बांग्ला में जिसे कलाबोऊ के नाम से जाना जाता है. केला, कच्ची हल्दी, अनार, अशोक मनका, बेलपत्र, धान एवं जौ के पत्तों को मिलाकर नवपत्रिका तैयार किया जाता है. इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. भक्ति गीतों से पूरा प्रखंड क्षेत्र भक्तिमय हो गया है.
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