संवाददाता, जामताड़ा: वित्तीय वर्ष 2026-27 में पीएम पोषण योजना के तहत झारखंड के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और कार्यरत रसोइया-सह-सहायिकाओं के लिए 302 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये का आवंटन किया गया है. राशि का उपयोग मेटेरियल कॉस्ट और रसोइया-सह-सहायिका के मानदेय के भुगतान के लिए किया जाएगा.
झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक समीरा एस. ने सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र जारी कर जिलों को राशि आवंटित किये जाने की जानकारी दी है.
केंद्र से 181.27 करोड़, राज्य का हिस्सा 120.85 करोड़
विभाग के अनुसार केंद्रांश मद में 181 करोड़ 27 लाख 88 हजार रुपये उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अनुपातिक राज्यांश मद में 120 करोड़ 85 लाख 25 हजार रुपये की राशि दी गयी है.
इस तरह केंद्र और राज्यांश मिलाकर कुल 302 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये जिलों को आवंटित किये जा रहे हैं. राशि का आवंटन SNA SPARSH प्रणाली के तहत किया जाएगा.
बाल वाटिका से कक्षा आठ तक के बच्चों को लाभ
पीएम पोषण योजना के तहत बाल वाटिका से कक्षा आठ तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए मेटेरियल कॉस्ट की राशि उपलब्ध करायी जानी है.
इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइया-सह-सहायिकाओं के पारिश्रमिक का भुगतान भी इसी योजना के तहत किया जाएगा. विभाग ने पोर्टल आधारित आवंटन विवरणी के आधार पर जिलों को राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है.
जनजातीय और अनुसूचित जाति मद में भी आवंटन
केंद्रांश की कुल राशि में विभिन्न मदों के लिए अलग-अलग प्रावधान किया गया है. सामान्य मद के तहत 96 करोड़ 62 लाख 16 हजार रुपये आवंटित किये गये हैं.
वहीं जनजातीय क्षेत्रीय उपयोजना के तहत 56 करोड़ 92 लाख 15 हजार रुपये और अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना के तहत 27 करोड़ 73 लाख 57 हजार रुपये आवंटित किये गये हैं.
निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राशि खर्च करने का निर्देश
झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने सभी जिलों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप आवंटित राशि का उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. योजना के तहत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित मेटेरियल कॉस्ट और रसोइया-सह-सहायिकाओं के पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है.
