चित्तरंजन साहित्य सेवा मंच की ओर से जश्न-ए आजादी काव्य संध्या का आयोजन

कवियों ने वीर रस की कविताओं का पाठ कर आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतत्रंता सेनानियों व देश के वीरों को नमन किया.

मिहिजाम. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चित्तरंजन साहित्य सेवा मंच की ओर से जश्न-ए आजादी काव्य संध्या का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन सेंट जाॅन एम्बुलेंस बिग्रेड कार्यालय चित्तरंजन में किया गया था. इस अवसर पर कवियों ने वीर रस की कविताओं का पाठ कर आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतत्रंता सेनानियों व देश के वीरों को नमन किया. मौके पर श्रृंगार रस के काव्य पाठ पर ठहाके लगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महमूद आलम ने आजादी के जश्न पर अपनी कविता चमन रंगीन है, के जरिये उल्लास का माहौल बनाया. सुरेंद्र कुमार ने अपनी कविता से कारगिल के शहीदों को याद किया. वहीं भगवान दास ने वंदे मातरम तथा रामस्वरूप मयुरेश ने महाभारत के पात्र वीर अभिमन्यु की वीरता व शौर्य प्रदर्शन को रेखांकित किया. कृष्णकांत द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर तथा राम के साथ लक्ष्मण के वनवास जाने पर भगवान लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला के 14 वर्षों के वियोग व्यथा का चित्रण अपने काव्य पाठ में किया. मौके पर प्रो कृष्ण मोहन साह, सुरेंद्र कुमार शास्त्री, उपेंद्र प्रसाद, सुरेंद्र कुमार, जेपी मंडल, रमेश कुमार, प्रदीप साह, दीपांकर मित्रा, अनुरंजन सिन्हा, सतीश सिंह, ताराचंद प्रसाद, भरत कुमार तिवारी, अनुपलाल महतो, द्विजेंद्र कुमार, राजकुमार राम, सुरेंद्र चौधरी आदि थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JIYARAM MURMU

JIYARAM MURMU is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >