जामताड़ा से निकेश कुमार की रिपोर्ट
Jamtara Sadar Hospital, जामताड़ा : जामताड़ा सदर अस्पताल में एक प्रसुता को रेफर किए जाने के दौरान हुई मौत के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. मृतका के परिजनों द्वारा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित तौर पर किए गए अभद्र व्यवहार के विरोध में शुक्रवार को पूरे जिले के स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश देखा गया. इसी कड़ी में नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
मरीजों की बढ़ी परेशानी
इस व्यापक विरोध प्रदर्शन के कारण इमरजेंसी (आपातकालीन) सेवा को छोड़कर अस्पताल की सभी सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं पूरे दिन पूरी तरह ठप रहीं. अस्पताल की ओपीडी बंद रहने की वजह से दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वे बिना इलाज कराए ही मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर हुए. विरोध जताते हुए सभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी नारायणपुर सीएचसी के मुख्य द्वार के पास ही धरने पर बैठ गए जिससे पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
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सुरक्षा और सम्मान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किसी भी तरह की अभद्रता या हिंसक व्यवहार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अस्पतालों में भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की. इस विरोध प्रदर्शन और धरने में डॉ. अर्णव चक्रवर्ती, डॉ. केदार महतो, कौशलेंद्र कुमार, महेश कुमार, प्रफुल्ल रवानी, देवरंजन कुमार, नंदनी कुमारी, नेहा कुमारी, केदारनाथ, सुधाकर कुमार, मुकेश कुमार और अखिलेश कुमार सिंह सहित भारी संख्या में अन्य चिकित्सक मुख्य रूप से शामिल थे.
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