संवाददाता, जामताड़ा :रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर, ओवर हेड इक्विपमेंट (ओएचई) ट्रेक्शन विभाग, जामताड़ा में भगवान विश्वकर्मा की पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ की गयी. विभागीय परिसर में रेलकर्मियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और कार्यस्थल पर सुरक्षा की कामना की. पूजा में रेलकर्मियों के साथ उनके परिजन भी शामिल हुए.
1996 से जारी है पूजा की परंपरा
जामताड़ा रेलवे के ट्रेक्शन विभाग में वर्ष 1996 से लगातार भगवान विश्वकर्मा की पूजा आयोजित की जा रही है. करीब तीन दशक से चली आ रही इस परंपरा को रेलकर्मी आज भी पूरे उत्साह के साथ निभा रहे हैं. विश्वकर्मा पूजा को लेकर विभागीय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. सुबह से ही पूजा की तैयारियां शुरू कर दी गयी थीं. पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
बच्चों ने रंगों से दिखाई अपनी कल्पनाशीलता
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रेलकर्मियों के बच्चों के लिए चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कल्पनाशीलता तथा चित्रकारी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. बच्चों ने रंगों के माध्यम से अलग-अलग आकर्षक चित्र बनाये.
प्रतियोगिता के दौरान रेलकर्मी और उनके परिजन बच्चों का उत्साह बढ़ाते नजर आये. मूल्यांकन के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
कर्मियों ने मिलकर संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
पूजा को लेकर ट्रेक्शन विभाग के कर्मियों में खासा उत्साह रहा. रेलकर्मियों ने पूजा की तैयारियों से लेकर आयोजन की अन्य व्यवस्थाओं तक में सक्रिय भूमिका निभायी. कर्मियों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को तकनीक, निर्माण और शिल्प का देवता माना जाता है. इसलिए रेलवे के तकनीकी विभाग में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है.
उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विभाग के कर्मियों के बीच आपसी समन्वय और उनके परिवारों के बीच जुड़ाव भी मजबूत होता है.
ये रहे मौजूद
मौके पर सेक्शन इंजीनियर सुजीत कुमार मंडल, असिस्टेंट इंजीनियर रविंद्र मुर्मू, कृष्णा राम, किस्कू, उपेंद्र कुमार, संतोष कुमार, रवि, प्रत्यूष कुमार सहित बड़ी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित रहे.
