फतेहपुर. खेत बचाओ अभियान के तहत मंगलवार को खमारबाद पंचायत अंतर्गत बरदेही एवं मुड़ाबहाल गांव में किसानों की बैठक हुई. बैठक का नेतृत्व प्रखंड तकनीकी प्रबंधक हिमांशु कुमार दास ने किया. बैठक में कुल 51 किसानों ने भाग लेकर खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न जानकारियां प्राप्त की. बैठक में किसानों को पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में विस्तार से बताया. बीटीएम हिमांशु कुमार दास ने कहा कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता भी कमजोर हो रही है. उन्होंने किसानों से खेतों में रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खाद, गोबर खाद, वर्मी कंपोस्ट सहित अन्य प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है. किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी जांच तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. साथ ही कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर भी चर्चा की गई. बैठक में किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं भी अधिकारियों के समक्ष रखी, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया. बीटीएम ने बताया कि यह कार्यक्रम धसनियां, पालाजोरी, चापुड़िया, बिंदापाथर, सिमलडूबी, फतेहपुर, खमारबाद पंचायतों में हो चुका है. आगे बाकी पंचायतों में भी किया जायेगा. इस अवसर पर कृषक मित्र श्रीनिवास महतो, दुर्योधन बास्की, सुनील हांसदा सहित अन्य ग्रामीण किसान मौजूद रहे.
जैविक खेती के प्रति किसानों को किया गया जागरूक
फतेहपुर. खेत बचाओ अभियान के तहत मंगलवार को खमारबाद पंचायत अंतर्गत बरदेही एवं मुड़ाबहाल गांव में किसानों की बैठक हुई.
